फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज से नौकरी लग जाने के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। जैसलमेर की सम पंचायत समिति के अंतर्गत तुर्कों की बस्ती के पूर्व ग्राम विकास अधिकारी व ई-मित्र संचालक के खिलाफ एक मामला सामने आया था, जिसमें दोनों ने बीपीएल परिवार की लड़कियों को शादी के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का गबन करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट बना लिए थे। जिन लड़कियों के नाम से सर्टिफिकेट बनाए, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी।