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Rajasthan: किसानों को अब पटवारी के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, यहां से खुद ही कर सकेंगे गिरदावरी; जानिए कैसे

Rajasthan: राजस्‍थान के किसान अब राज किसान गिरदावरी ऐप के जरिये अपनी फसल का निरीक्षण खुद कर सकेंगे। इसके अलावा पटवारियों को भी अब गिरदावरी के लिए मौके पर जाना अनिवार्य होगा

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Rajasthan: राजस्थान में किसानों के लिए खुशखबरी सामने आयी है। फसल बुवाई या उसके खराब होने की सूचना दोनों ही मामलों में गिरदावरी के लिए किसान अब पटवारी के मोहताज नहीं रहेंगे। प्रदेश के अब तक करीब 24 हजार किसान स्वयं अपनी फसल की ऑनलाइन गिरदावरी कर चुके हैं। इसके अलावा पटवारियों को भी अब गिरदावरी के लिए मौके पर जाना अनिवार्य होगा, क्योंकि फसल के फोटो अपलोड किए बिना गिरदावरी पूरी हो ही नहीं पाएगी।

राजस्व विभाग ने शुरू किया राज किसान एप

राजस्व विभाग ने इसके लिए राज किसान एप शुरू किया है, किसानों को स्वयं गिरदावरी करने के लिए यह एप डाउनलोड करना होगा। पटवारी भी एप के माध्यम से ही गिरदावरी कर पाएंगे। इससे फसलों के बारे में सरकार को सही जानकारी मिल सकेगी, वहीं अतिवृष्टि, ओलावृष्टि या अन्य किसी कारण से फसल खराब होने की जानकारी सही दर्ज नहीं करने की शिकायतों में भी कमी आएगी।

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आती रही है यह शिकायत

पिछले वर्षों में फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिलने की काफी शिकायतें आईं और जब किसानों ने फसल खराबे की गिरदावरी की शिकायत दर्ज कराई तो पटवारियों ने जवाब दिया कि वे तो रिपोर्ट पहले ही भेज चुके।

ऑनलाइन गिरदावरी को बढ़ावा

बताते चलें कि प्रदेश में कुल करीब साढ़े चार करोड़ खसरे हैं, जिनमें से 52 लाख से अधिक खसरों की गिरदावरी हो चुकी और अधिकांश ऑनलाइन हुई। 7698 खसरों की गिरदावरी ही ऑफलाइन हुई है। ऑनलाइन गिरदावरी को बढ़ावा देने के लिए पटवारियों को भी प्रति खसरा 10 रुपए भुगतान किया जाएगा

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पंजाब व मध्यप्रदेश भी कर चुके शुरुआत

राजस्थान के अलावा पंजाब और मध्यप्रदेश भी ऑनलाइन गिरदावरी के लिए एप विकसित कर चुके हैं।

यह होगा लाभ

  • सरकार को रीयल टाइम आंकड़े मिल सकेंगे, जिससे एमएसपी पर खरीद की प्रभावी योजना बन सकेगी।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को सही मुआवजा मिल सकेगा।

गिरदावरी में बांसवाड़ा-डूंगरपुर आगे

  • प्रदेश में करीब 12 फीसदी गिरदावरी पूरी हो चुकी।
  • बांसवाड़ा जिले में 29.24 फीसदी खसरों की गिरदावरी पूरी।
  • डूंगरपुर जिले में 22.97 फीसदी खसरों की गिरदावरी पूरी।

गिरदावरी करने में नागौर के किसान सबसे आगे

गिरदावरी स्वयं करने में नागौर के किसान सबसे आगे हैं। अब तक नागौर में 8273 किसान गिरदावरी कर चुके हैं। इस मामले में जोधपुर दूसरे स्थान पर है, जहां 3373 किसानों ने स्वयं गिरदावरी की।

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यह रहेगी गिरदावरी की प्रक्रिया

राज किसान गिरदावरी एप पर किसान के आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा और वेरिफिकेशन के बाद लॉग इन हो जाएगा। उसके बाद फसल विवरण जोड़े पर क्लिक करें, ऊपर की तरफ आधार से जुड़े खाते का ऑप्शन होगा। दूसरी तरफ खाता खोजने का विकल्प दिया गया है। इनमें से किसी एक विकल्प पर क्लिक करने पर एक पेज खुलेगा। उसमें किसान को खुद का जिला, तहसील और गांव चुनना होगा। इसके बाद खेत का खाता नंबर अंकित करके कैलिब्रेट पर क्लिक करना होगा। कैलिब्रेट करने के बाद गिरदावरी सीजन और फसल का चयन कर और खाते का क्षेत्रफल हेक्टेयर में दर्ज करने के बाद खेत में बोई गई फसल की साफ फोटो अपलोड करनी होगी।

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