
राजस्थान की भजनलाल सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने हाल ही में सरकारी वाहन और सिक्योरिटी लौटा दी है। उन्होंने अपने क्षेत्र में जाने पर पुलिस एस्कॉर्ट की सेवा लेने से भी मन कर दिया है। उनका मानना है कि जब जनता ने ही उन्हें चुनकर भेजा है, तो फिर उन्हीं से डरने का क्या फ़ायदा?

बगैर सिक्योरिटी के मंत्री संजय शर्मा फरियादियों से किस तरह घिरे रहते हैं, उसकी बानगी रविवार को जयपुर में देखने को मिली। जब सैंकड़ों की संख्या में फरियादी मंत्री को अपनी फ़रियाद सुनाने पहुंचे।

मंत्री शर्मा ने जनसुनवाई में आई करीब 500 परिवेदनाओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों परिवेदनाओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के कार्यों को गंभीरतापूर्वक लिया जाए। परिवेदनाओं के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्ति को परिवेदना के निस्तारण की सूचना भी दी जाए।

मंत्री शर्मा ने अफसरों से ये भी कहा कि अगर परिवेदना उच्च स्तर पर निस्तारित होनी है, तो इसकी सूचना भी फरियादी को दी जाए। उन्होंने कहा कि निस्तारित की हुई किसी भी परिवेदना के फरियादियों से परिवेदना के निस्तारण का फीडबैक लिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है, इसलिए लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।