
पग-पग पर समृद्ध विरासत... 505 संरक्षित स्मारक, महल-बावड़ियां देखने मरुधरा आ रहे लाखों मेहमान
जयपुर। राजस्थान का इतिहास समृद्धि से भरा हुआ है। हर क्षेत्र की विशेष पहचान है। यहां के किले, महल से लेकर बावड़ियां और संग्रहालयों ने विश्व पटल पर अमिट छाप छोड़ी है। यही वजह है कि इस पहचान को करीब से जानने के लिए देश-विदेश से लाखों सैलानी हमारी धरां पर आ रहे हैं। यहां की धरोहर ने विश्व विरासत सूची में जगह भी बनाई है। प्रदेश में 505 संरक्षित स्मारक भी है, जिनका ऐतिहासिक महत्व भी है। बढ़ते शहरीकरण की 'आंच' हमारी इस समद्ध विरासत तक पहुंचने लगी है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ऐतिहासिक महत्व के 163 मॉन्यूमेंट व स्थलों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर रखा है। इनमें जयपुर सर्कल में 90 और जोधपुर सर्कल में 73 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक है। इन राष्ट्रीय धरोहरों में अधिकतर ऐतिहासिक और अनूठी है। इनमें भी सबसे अधिक 22-22 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक भरतपुर व अजमेर जिले में स्थित है, वहीं दूसरे नंबर पर टोंक जिला है, जहां 17 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक है। जयपुर जिले में 9 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक है। इनमें महल, किले, दरवाजे, मंदिर, मस्जिद आदि शामिल है। राजस्थान के सभी जिलों में ये ऐतिहासिक राष्ट्रीय महत्व की धरोहर हैं।
राज्य स्तरीय 342 संरक्षित स्मारक
प्रदेश में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के राज्य स्तरीय 342 संरक्षित स्मारक है। इनमें सबसे अधिक 65 संरक्षित स्मारक जयपुर जिले में है। राजधानी जयपुर में ही कई ऐतिहासिक संरक्षित स्मारक है, जिनमें जंतर-मंतर, आमेर महल, हवामहल, अल्बर्ट हॉल के अलावा नाहरगढ़ की बावड़ियां, पन्ना मीणा कुंड, घाट की गूणी की छतरियां, आमेर की दीवार के साथ मंदिरों के भित्ती चित्र शामिल है। वहीं जोधपुर जिले में 34 संरक्षित स्मारक है, जबकि भरतपुर जिले में 27 संरक्षित स्मारक है।
इन जिलों में सबसे अधिक राष्ट्रीय धरोहर
जिला - राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक
भरतपुर - 22
अजमेर - 22
चित्तौड़गढ़ - 14
जयपुर - 9
हनुमानगढ़ - 9
झालावाड़ - 7
इन जिलों में सबसे अधिक राज्य स्तरीय धरोहर
जिला - संरक्षित स्मारक
जयपुर - 65
जोधपुर - 34
भरतपुर - 27
बारां - 22
Published on:
30 Mar 2024 09:49 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
