
Rajasthan give conserve donkey in jodhpur
जोधपुर
इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं
जिधर देखता हूं, गधे ही गधे हैं
गधे हँस रहे, आदमी रो रहा है
हिन्दोस्तां में ये क्या हो रहा है...
ये तो रही ओम प्रकाश 'आदित्य' की कविता। अब क्या हो रहा है तो इसका जवाब है—राजस्थान में गधों का सरंक्षण। ..आप बातचीत में यह शब्द एक कटाक्ष के रूप में प्रयोग करतें है लेकिन अब देश में ऐसी स्थिति आ गई है कि इनका सरंक्षण करना पड़ रहा है। वह भी खासतौर पर जंगली गधों का। जोधपुर संभाग के सांचौर तहसील से 57 किलोमीटर दूर चितलवाना तहसील के रण खार गांव के आसपास रहने वाले जंगली गधों के लिए विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसमें गधों के अलावा चिंकारा, जंगली बिल्ली और जरख बहुतायत में पाए जाते है।
क्या है राज्य सरकार आदेश में
वनविभाग के शासन सचिव बी. प्रवीण ने सोमवार को वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने चितलवाना तहसील के रणखार गांव की 7288.61 हेक्टेयर वन एवं राजस्व भूमि को संरक्षण आरक्षित घोषित कर दिया। इस घोषणा में पारिस्थितिकीय एवं प्राणी जातीय, वनस्पति भू संरचना सबन्धित नैसर्गिक एवं प्राणीशास्त्रीय महत्व को ध्यान रखा गया है।
रणखार में होगा गधों का सरंक्षण
अब इस क्षेत्र को रणखार संरक्षण आरक्षित क्षेत्र के के नाम से जाना जाएगा। इस क्षेत्र में चितलवाना तहसील के रणखार ग्राम के खसरा संख्या 1,3,4, 2 व 5 को शामिल किया गया। इसमें जंगली गधों सहित अन्य प्रजातियों के वन्यजीवों का प्राकृतवास है। कई बार इॅको टूरिज्म को बढ़ावा देने व स्थानीय लोगों को रोजगार सुलभ कराने के लिए क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने की मांग की थी।
अमिताभ बच्चन ने चलाया था कैंपेन
फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी विज्ञापन किया था। उन्होंने कहा था कि कच्छ के रण में पाया जाने वाला अनोखा प्राणी ***** है। न घोड़ा है और ना ही दोनों के मेल से बनने वाला खच्चर है। घुड़खर का वजन लगभग ढाई सौ किलोग्राम का होता है और यह अधिकतम 70 से 80 किमी तक गति से दौड़ सकता है। लुप्त जीवों में होने से घुड़खर को वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के अंतर्गत प्रथम सूची में रखा गया है । अमिताभ बच्चन ने घुड़खर का कैंपेन विज्ञापन किया था।
Published on:
26 Apr 2022 08:04 pm
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