
जयपुर।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने सोमवार को राजभवन में डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित दशा हूमड़ शिक्षण संस्थान से आए स्कूली बच्चों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ संस्कार-युक्त समाधान-केंद्रित शिक्षा देने का कार्य करें। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा के अनुरूप जीवन को ढालें और राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करें।
राज्यपाल मिश्र से संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने राज्यपाल पद एवं राज भवन की कार्यप्रणाली सहित अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछे। एक विद्यार्थी ने प्रश्न पूछा कि राजभवन में क्या होता है, इसके जवाब में उन्होंने बताया कि राज्यपाल दलगत राजनीति से परे संविधान का प्रतिनिधित्व करने वाला सर्वोच्च पद होता है। उन्होंने कहा कि संविधान की पालना, उसकी मर्यादा के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अबाध निर्वहन को राज्यपाल सुनिश्चित करता है। राज्यपाल विधानसभा आहूत करता है और सरकार गठन के समय मंत्री परिषद को शपथ भी दिलाता है ।
एक अन्य विद्यार्थी ने प्रश्न किया कि राज्यपाल को नियुक्त कौन करता है। उन्होंने जवाब दिया कि राज्यपाल को राष्ट्रपति नियुक्त करता है। वही उसकी कार्य अवधि तय करता है। एक विद्यार्थी ने नागरिकों से राज्यपाल की अपेक्षाओं के बारे में सवाल पूछा । इस पर उन्होंने कहा कि नागरिक अपने अधिकारों के साथ संविधान प्रदत्त ग्यारह मूल कर्तव्यों के प्रति सजग रहे। लोकतांत्रिक देश के स्वतंत्र नागरिक के रूप में कैसे हम बेहतर भूमिका निभा सकते हैं, इस पर विचार करते सभी कार्य करें।
दशा हुमड़ दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया ने अंचल में संस्थान द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा कार्यों की जानकारी दी। राज्यपाल कलराज मिश्र राजस्थान के आदिवासी अंचल के जिलों में शिक्षा,स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष फोकस कर रहे हैं। जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थी भी मुख्यधारा में आ सकें।
Published on:
17 Oct 2022 11:52 pm
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