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दिवाली से पहले लोगों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने दी यह बड़ी राहत

पितृपक्ष खत्म होने के साथ ही दिवाली सीजन शुरू होने वाला है। बाजार लोगों से गुलजार होंगे और खरीदारी अपने चरम पर होगी। मगर पितृपक्ष में ही सरकार ने पट्टा चाहने वाले लोगों को बड़ा तोहफा दिया है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Sep 12, 2022

दिवाली से पहले लोगों की बल्ले-बल्ले, हजारों रुपए का होगा फायदा

दिवाली से पहले लोगों की बल्ले-बल्ले, हजारों रुपए का होगा फायदा

पितृपक्ष खत्म होने के साथ ही दिवाली सीजन शुरू होने वाला है। बाजार लोगों से गुलजार होंगे और खरीदारी अपने चरम पर होगी। मगर पितृपक्ष में ही सरकार ने पट्टा चाहने वाले लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने प्रशासन शहरों के संग अभियान में सरकारी और अवाप्तशुदा भूखंड धारियों को बड़ी राहत दी है। इस राहत से प्रदेश के हजारों भूखंडधारियों को अपनी जेब कम ढीली करनी पड़ेगी। नए आदेश के अनुसार 300 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर अब लीज राशि की गणना आरक्षित दर की बजाय आवंटन दर पर होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस बदलाव से पट्टा लेने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा।

दरअसल अभियान से पहले 300 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर आवासीय आरक्षित दर का 25 फीसदी राशि लेकर पट्टे दिए जा रहे थे। लेकिन अभियान शुरू होने पर लोगों ने इस राशि को ज्यादा बताया जिसकी वजह से सरकार ने राहत देते हुए नियमन राशि में भारी छूट दी। इसके तहत आवासीय आरक्षित दर या डीएलसी दर के 10 फीसदी जो भी कम हो पर भूखंडों का नियमन करने का तोहफा जनता को दिया गया। मगर लीज राशि मे विसंगति रह गयी। जिसे अब दूर किया गया है।

जनता को यूं मिलेगी राहत

सरकार ने भले ही नियमन के लिए डीएलसी दर का 10 फ़ीसदी तय किया हो लेकिन लीज अब भी आवासीय आरक्षित दर के 2.5 फीसदी के आधार पर ही वसूली जा रही थी। जिस पर निकाय अधिकारियों ने सरकार को राय दी कि जब तक यह राशि कम नहीं की जाएगी पदों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं होगी। अधिकारियों की राय के आधार पर सरकार ने इसमें संशोधन किया है और अब आवंटन दर के अनुसार लीज राशि वसूली जाएगी। संबंध में यूडीएच और एलएसजी ने आदेश जारी कर दिए हैं।

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फायदे का गणित समझे

मान लिया जाए की एक भूखंड की आरक्षित दर 1000 रुपए वर्गमीटर है। तो लीज राशि की गणना 1000 के 2.5 फ़ीसदी सालाना के अनुसार की जा रही थी। इस हिसाब से भूखंडधारी को सालाना 7500 रुपए लीज के देने पड़ रहे थे। अगर उसे फ्रीहोल्ड का पट्टा चाहिए तो यह राशि 10 साल की लीज के हिसाब से 75000 रुपए चुकानी पड़ रही थी। सरकार ने इसमें 90 फ़ीसदी की कमी कर दी है। अब आवंटन दर के आधार पर यह राशि सालाना महज 750 रुपए पड़ रही है। वही फ्री होल्ड का पट्टा लेने के लिए केवल 7500 रुपए देने पड़ेगे।

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