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काम की खबरः सचिन पायलेट के खास हैं, पढाई मत करो…. लैब टैक्निशयन, सैकेंड ग्रेड शिक्षक, जेवीवीएनएल में सीधे नौकरी लो…

हेल्पर, लैब टैक्नीशियन, लैब असिटेंट और सैकेंट ग्रेड शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे चारों छात्रों ने जब महेन्द्र से बात की तो

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जयपुर
जिसके पास हम लोग जा रहे हैं... वहां शात बैठना। कुछ बोलना मत... बस जो वे बोलें वह सुनते रहना। सचिन पायलेट के खास आदमी हैं वो... हर तरह की नौकरी लगवाते हैं। कई बड़े नेताओं से सीधे ताल्लुक रखते हैं। ऐसा कहकर तीन ठगों ने चार छात्रों को बातों में फंसाया और हैड ठग के पास ले गए। वहां पर प्रतियोगी परीक्षाएं दिए बिना ही सीधे ही सरकारी नौकरी दिलाने की बात की और ग्यारह लाख रुपए एडवांस में ठग लिए।

लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही रुपए वापस मिले तो पीडित पुलिस के पास पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया। करधनी थाना पुलिस उक्त मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कुछ छात्रों ने अपने ही साथी छात्र समेत अन्य चार पर ठगी का आरोप लगाया है। मुकदमा दर्ज कराने वाले चैमू निवासी चेतन प्रकाश यादव ने धमेन्द्र मीणा, बनवारी लाल, श्याम सुंदर और नवीन दुबे पर केस दर्ज कराया है।

चेतन ने पुलिस को बताया कि वह 2019 में निकली जेवीवीएनएल की हैल्पर परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके साथ ही कई अन्य छात्र भी लाइब्रेरी जाकर पढाई कर रहे थे। इस दौरान बनवारी और श्याम सुंदर की मुलाकात उनसे हुई। उन्होनें नवीन से मिलाया और नवीन ने कहा कि तैयारी करने की जरुरत नहीं है। सीधे नौकरी दिला देंगे। जयपुर मे कालवाड निवासी धमेन्द्र मीणा हैं जो सीधे सचिन पायलेट के खास आदमी हैं। कई बड़े नेताओं से संपर्क रखते हैं।

आप तो उन लोगों को ले आओ जो सीधे नौकरी चाहते हैं। इस पर चेतन ने लाइब्रेरी में आने वाली ज्योति, महेन्द्र और ममता इस बारे में बात की। सभी ने हांमी भर दी। बाद में बनवारी, श्याम सुंदर और नवीन चारों छात्रों को लेकर कालवाड निवासी धमेन्द्र से मिलाने ले गए। धमेन्द्र ने कई बड़े नेताओं के साथ अपने फोटो छात्रों को दिखाए और उनको भरोसा जीत लिया। हेल्पर, लैब टैक्नीशियन, लैब असिटेंट और सैकेंट ग्रेड शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे चारों छात्रों ने जब महेन्द्र से बात की तो उसने हैल्पर के चार लाख और बाकि भर्तियों के छह लाख मांगे। आधा एडवांस और आधा काम हो जाने के बाद तय हुआ।

तय बातों के अनुसार चारों छात्रों ने कुछ दिनों में महेन्द्र एवं अन्य को ग्यारह लाख रुपए दे दिए। लेकिन उसके बाद भर्ती नहीं हुई। बाद मे जब रुपए वापस मांगे तो रुपए भी नहीं मिले उल्टे जान से मारने की धमकियां मिली। आखिर चेतन समेत चारों छात्र पुलिस की शरण में पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया है।