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भाजपा की 3 और खुद की 1 योजना बंद, सरकार अब लाई ‘सीएम क्षेत्र विकास’

— दूरस्थ, दुर्गम और पिछड़े जिलों के गांवों को मिलेगी प्राथमिकता, 100 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया  

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भाजपा की 3 और खुद की 1 योजना बंद, सरकार अब लाई 'सीएम क्षेत्र विकास'

भाजपा की 3 और खुद की 1 योजना बंद, सरकार अब लाई 'सीएम क्षेत्र विकास'

जयपुर. गांवों में विकास कार्यों संबंधी चार सरकारी योजनाओं को बंद कर राज्य सरकार ने अब मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना शुरु की है। सियासी पहलू यह है कि नई योजना लाने के लिए जिन चार योजनाओं को बंद किया गया है, उनमें से तीन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान शुरु की गई थीं। इनमें श्री, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना और स्मार्ट विलेज योजना शामिल हैं। चौथी महात्मा गांधी के नाम पर आदर्श ग्राम योजना थी, जिसे मौजूदा सरकार ने ही 2019 में शुरु किया। नई योजना में प्रदेश के दुर्गम, दूरस्थ औेर पिछड़े जिलों को प्राथमिकता मिलेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में इसकी घोषणा की थी। शुरुआती तौर पर सरकार ने 100 करोड़ रुपए का प्रावधान योजना के लिए किया है। इसके अलावा विकास कार्यों में कलक्टर की अनुशंसा के आधार पर विधायक, सांसद कोष और कंपनियों के सीएसआर कोष का उपयोग भी किया जा सकेगा।

संभाग जिले को 4, अन्य को 2.77 करोड़

वार्षिक कार्य योजना के लिए नई योजना में संभाग स्तरीय प्रत्येक जिले को 4 करोड़ और अन्य जिलों को प्रति जिला 2.77 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। जिलों में कलक्टर कार्यों का चयन कर कार्ययोजना भेजेंगे। मुख्य सचिव की कमेटी इसका अनुमोदन करेगी। इसके बाद वित्त विभाग राशि मंजूर करेगा।

ये हो सकेंगे काम


योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, ग्रामीण आंतरिक सड़कें, रौशनी आदि से संबंधित कार्य और आधारभूत ढ़ांचा विकास के अन्य कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।

इन कामों की पाबंदी


योजना में व्यक्तिगत, निजी व गैर सरकारी संस्था के लिए सम्पत्ति निर्माण, ऋण—अनुदान, आपदा प्रबंधन कार्य, व्यक्तिगत लाभ, कार्यालय निर्माण, वाहन खरीद, प्रचार—प्रसार आदि कार्यों पर पाबंदी होगी।

क्या थीं ये बंद हुई योजनाएं

1. श्री योजना- वसुंधरा सरकार में 2014—15 में आई। ग्रामीण इलाकों में ग्राम स्वच्छता, चिकित्सा, सडक़, शिक्षा और बिजली के पांच चुनिंदा क्षेत्रों में कन्वर्जेंस के जरिए विकास कार्य का प्रावधान था।

2. मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना- 2014-15 के बजट में ही घोषणा हुई। हर साल हर विधानसभा क्षेत्र में एक पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

3. स्मार्ट विलेज— वसुंधरा सरकार में ही 2017-18 की बजट घोषणा। 3 हजार से अधिक आबादी वाले 3275 गांवों में 18 प्रकार के विभिन्न विकास कार्य कराने का प्रावधान रखा था।

4 महात्मा गांधी आदर्श ग्राम योजना— मौजूदा गहलोत सरकार 2019 में लाई। हर जिले में एक गांव का चयन कर उसे विभिन्न योजनाओं के कन्वर्जेंस और सामुदायिक सहयोग से विकसित करने का प्रावधान था।