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निकाय प्रमुखों के अधिकारों पर सरकार ने चलाई कैंची, अब नहीं कर सकेंगे यह काम

राज्य सरकार ने निकाय प्रमुखों के अधिकारों पर कैंची चला दी है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि नगरपरिषद, नगरपालिका व नगर निगम के सभापति, अध्यक्ष और महापौर के सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवानिवृति लाभ वाली फाइल पर हस्ताक्षर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Jun 07, 2023

निकाय प्रमुखों के अधिकारों पर सरकार ने चलाई कैंची, अब नहीं कर सकेंगे यह काम

निकाय प्रमुखों के अधिकारों पर सरकार ने चलाई कैंची, अब नहीं कर सकेंगे यह काम

जयपुर। राज्य सरकार ने निकाय प्रमुखों के अधिकारों पर कैंची चला दी है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि नगरपरिषद, नगरपालिका व नगर निगम के सभापति, अध्यक्ष और महापौर के सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवानिवृति लाभ वाली फाइल पर हस्ताक्षर की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने आज से इस प्रावधान को खत्म कर दिया है।

नए आदेश के तहत अब सेवानिवृति के समय जिस कर्मचारी की विभागीय जांच, कोर्ट केस या विभागीय रोक जैसे मामले नहीं हैं तो उनकी बेनीफीट्स फाइल पर निकाय प्रमुख के हस्ताक्षर की कोई जरूरत नहीं है। सरकार के इस आदेश से निकाय कार्मिकों पर निकाय प्रमुखों की पकड़ ढीली हो सकती है। आपको बता दें कि सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी के रिटायमेंट बेनीफिट की फाइल पर नगर निगम आयुक्त या अधिशाषी अधिकारी के साथ-साथ निकाय प्रमुख के भी सिग्नेचर होते है। उसके बाद ही कर्मचारी को परिलाभ मिल पाते हैं। इससे पहले भी सरकार अयोग्य सदस्यों को हटाने का अधिकारी खुद के पास ले चुकी है। इसके लिए मार्च में विधानसभा सत्र के दौरान एक कानून पास किया गया था।