
Rajasthan government : इंसान को फ्री इलाज, पशुओं की कट रही पर्ची
जयपुर। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इंसानों के लिए सरकारी अस्पतालों में सब कुछ निशुल्क कर दिया है, ना पर्ची कटवाने के लिए कुछ देना है और ना ही जांच करवाने के लिए यानी ओपीडी और आईपीडी फ्री है, लेकिन पशुओं के इलाज के लिए इंसानों को अधिक रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। उनकी पर्ची ढाई गुना महंगी हो चुकी हैं और उपचार महंगा हो गया है। गौरतलब है कि गत वर्ष प्रदेश के पशुपालन विभाग ने एक अप्रेल से पंजीकरण शुल्क सहित अन्य शुल्क बढ़ा दिए। एक तरफ चारे की कीमत बढ़ी, तो दूसरी तरफ इलाज भी महंगा कर दिया गया।
यह है स्थिति
पंजीकरण शुल्क दो रुपए से बढ़ाकर पांच रुपए कर दिया गया।
टीके के दाम बढ़े, पहले जिस टीकाकरण परिसेवा शुल्क के केवल 50 पैसे लगते थे, उसे बढ़ाकर एक रुपया कर दिया गया।
जिस टीकाकरण परिसेवा शुल्क का एक रुपए लगता था, उसे बढ़ाकर दो रुपए कर दिया गया।
छोटे पशु की मेजर सर्जरी पर 20 रुपए व बड़े जानवर की मेजर सर्जरी पर 50 रुपए पशुपालक दे रहा है।
पहले पंजीकरण के दो रुपए लगते थे, जो सरकार के खजाने में जमा होते थे, लेकिन अब पंजीकरण शुल्क के पांच रुपए में से दो रुपए सरकार और शेष तीन रुपए पशु चिकित्सालय की रिलीफ सोसायटी में जमा हो रहे हैं।
एक्सरे भी फ्री नहीं। पशुओं के एक्सरे व सोनोग्राफी करवाने पर 50 रुपए खर्च करने पड रहे हैं, पहले ये सुविधाएं निशुल्क थीं।
कांग्रेस का जनघोषणा पत्र का वादा भूली सरकार
गौरतलब है कांग्रेस सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में पशुओं के निशुल्क इलाज और दवा को जरूरी सुधारों के साथ व्यापक रूप से लागू करने की बात कही थी, जो पूरी नहीं हो पाई।
इसलिए लिया गया था निर्णय
मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2021-22 के तहत पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी का गठन किया गया है। जो पैसा पंजीकरण शुल्क से आ रहा है उसे इस सोसायटी में जमा किया जा रहा है, जिससे पशु चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधा और बेहतर हो सकें, लेकिन हालात यह है ग्रामीण इलाकों में पशु चिकित्सक ही नहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण निजी वेटरनरी डॉक्टर्स के पास जाने के लिए मजबूर हैं।
शिविर लगवाने पर भी शुल्क
पशु चिकित्सा संस्थान के जरिए लगाए जाने वाले हर पशु चिकित्सा शिविर के लिए दो हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। यही नहीं वेटनरी कॉलेज से प्रायोगिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण के लिए आने वाले प्रशिक्षार्णियों से लिए जाने वाला शुल्क आरएलडीबी के खाते में जमा करवाने की बजाए संबंधित सोसाइटी में जमा हो रहा है।
क्या कह रहे ग्रामीण
जब भी हमारे पशु बीमार होते हैं, हम प्राइवेट अस्पताल लेकर जाते हैं क्योंकि सरकारी अस्पताल में भी फीस देनी होती है, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिलते।
दवाई तक नहीं मिलती, इससे बेहतर है हम निजी अस्पताल ही चले जाएं। सरकार को पशुओं का इलाज निशुल्क करना चाहिए।
- अर्जुन लाल पीपलोदा
कृत्रिम गर्भाधान योजना व टीकाकरण भी फ्री करना चाहिए
जिस तरह से चिकित्सा विभाग में पर्ची शुल्क निशुल्क किया हुआ है, लेकिन पशुपालकों को यह शुल्क देना पड़ रहा है। इसे निशुल्क करना चाहिए। साथ ही
सरकार की कृत्रिम गर्भाधान योजना व टीकाकरण भी फ्री करना चाहिए।
- अजय सैनी, प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ
Published on:
09 Feb 2023 10:32 am
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