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राजस्थान के किसानों के लिए सीएम Ashok Gehlot का बड़ा ऐलान, 2 लाख रुपए तक के कर्ज हुए माफ

पात्रता तय करने में देर रात तक जुटे रहे अफसर...
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जयपुर

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Dinesh Saini

Dec 20, 2018

ashok

cm ashok gahlot

जयपुर।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान सरकार ने भी किसानों के कर्जमाफी की घोषणा कर दी है। इसके तहत किसानों के 2 लाख रुपए तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। सहकारी बैंकों से लिए गए सभी अल्पकालीन ऋण माफ होंगे। इसके अलावा जो किसान राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण व अन्य बैंकों से लिया कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। 30 नवम्बर 2018 तक लिए गए कर्ज पर किसानों को यह राहत मिलेगी। भाजपा सरकार की ओर से माफ किए गए लोन भी इसमें शामिल होंगे। गत सरकार के समय कर्ज माफी का लाभ ले चुके वे किसान ही लाभान्वित होंगे, जिनका कर्ज पचास हजार रुपए से अधिक है।

मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने बुधवार शाम को इसकी घोषणा की। इसके बाद मुख्य सचिव ने रात करीब 11 बजे ऋण माफी का आदेश जारी किया। मुख्यमंत्री ने बुधवार दोपहर में अधिकारियों की बैठक ली और शाम को कर्जमाफी की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया, कर्ज माफी से सरकार के खजाने पर 18 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसमें भाजपा सरकार के समय माफ किए गए छह हजार करोड़ रुपए भी शामिल हैं। उस समय सरकार ने 8 हजार करोड़ रुपए माफ करने की घोषणा की थी, पर बजट मात्र दो हजार करोड़ रुपए ही दिया था।

ये हैं अल्पकालीन ऋण वाले किसान
सहकारी बैंक एक साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण देते हैं। एक साल में कर्ज न चुकाने पर ब्याज वसूला जाता है। कर्जमाफी में ये सभी किसान शामिल किए गए हैं। राष्ट्रीयकृत बैंक भी एक साल के लिए फसली ऋण देते हैं, लेकिन 4 प्रतिशत ब्याज वसूलते हैं। यहां वे किसान लाभान्वित होंगे जो लोन नहीं चुका पाए तथा बैंक ने उसे एनपीए (फंसा हुआ लोन) मान लिया।
छह हजार करोड़ एनपीए की कैसे होगी पूर्ति

प्रदेश में कृषि क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपए के लोन किसानों ने ले रखे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब छह प्रतिशत लोन राशि एनपीए में है। यानी करीब छह हजार करोड़ रुपए एनपीए है। सरकार ने 18 हजार करोड़ का भार बताया है। यह बजट तो सहकारी लोन में ही पूरा होता दिख रहा है। अब राष्ट्रीयकृत बैंक के लोन कैसे माफ होंगे, अभी तक सरकार की ओर से इसका जवाब नहीं आया है।

बैंकों की जानकारी आने से पहले घोषणा
कृषि लोन की स्थिति जानने के लिए डीओआइटी के अधिकारी हंसराज यादव की ओर से बुधवार सुबह ही पत्र जारी हुआ। सभी बैंकों से मार्च 2018 और सितम्बर 2018 तक के ओवरड्यू तथा आउट स्टैंडिंग लोन की जानकारी 20 दिसंबर तक उपलब्ध कराने को कहा गया। इसमें पचास हजार तक, पचास हजार से एक लाख रुपए, एक लाख से दो लाख रुपए तथा दो लाख रुपए से अधिक की जानकरी मांगी गई, लेकिन जानकारी आने से पहले ही सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा कर दी।

चौकसी के शोरूम से 1.25 करोड़ के आभूषण जब्त
रायपुर . पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चौकसी के स्वामित्व वाले गीतांजलि ज्वेलर्स के बिलासपुर स्थित बंद शोरूम पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। ईडी की रायपुर टीम ने शोरूम का ताला तोडकऱ 1.25 करोड़ रुपए के आभूषण और महंगी विदेशी घडिय़ां जब्त की हैं। छत्तीसगढ़ में गीतांजलि ज्वेलर्स समूह में छापेमारी के दौरान जब्त यह सबसे बड़ी रकम है। प्रदेश में अबतक चौकसी के तीन शोरूमों में कार्रवाई हो चुकी है।

कर्जमाफी से गड़बड़ाया सरकार का गणित!
सितम्बर, 2018 तक 23 लाख 28 हजार किसान सहकारी बैंकों के कर्जदार थे। इनपर 11 हजार 543 करोड़ रुपए बकाया है। सहकारी बैंक फसली ऋण की अधिकत सीमा डेढ़ लाख रुपए है। ऐसे में करीब बारह हजार करोड़ रुपए सहकारी बैंक के ऋणी किसानों के माफ हो जाएंगे। सरकार ने ऋण माफ करने में 18 हजार करोड़ रुपए का भार बताया है। इसमें छह हजार करोड़ भाजपा सरकार के समय माफ किए गए लोन के हैं। ऐसे में 18 हजार करोड़ रुपए तो सहकारी बैंक के लोन में ही खर्च हो जाएंगे।

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