
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी स्कूल फीस के मामले में कानून बनने के 9 साल बाद भी राज्य स्तरीय रिवीजन कमेटी नहीं बनने पर नाराजगी जताई। साथ ही, शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि तीन सप्ताह में रिवीजन कमेटी बनाकर 1 जुलाई को पालना रिपोर्ट पेश की जाए, नहीं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम की याचिका पर यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल वीसी के जरिए हाजिर हुए। अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा ने फीस एक्ट के तहत रिवीजन कमेटी बनाने के लिए छह सप्ताह का समय देने का आग्रह किया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि एक ओर शिक्षा विभाग ने शपथ पत्र पेश कर फीस विवाद के लंबित रिवीजन प्रार्थना पत्रों पर 26 मई से सुनवाई शुरू करने की बात कही है। अब कमेटी बनाने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा जा रहा है। ऐसे में विभाग ने गलत शपथ पत्र दिया।
दोनों पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने शिक्षा विभाग से कहा कि ऐसा शपथ पत्र क्यों दिया। अवमानना के इस मामले में क्यों न दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाए।
Updated on:
28 May 2025 07:21 am
Published on:
28 May 2025 07:21 am
