
हाईकोर्ट का बड़ा फैेसला : महिला के दूसरी शादी करने पर मां-बाप को माना पेंशन का हकदार, पुराने परिलाभ का भी 60 प्रतिशत हिस्सा दिलाया
शैलेन्द्र अग्रवाल / जयपुर. मेजर रैंक के सैन्य अधिकारी की मौत के बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली, ऐसे में हाईकोर्ट ने पेंशन परिलाभ पर अब मां-बाप का हक माना है। इसके साथ ही, मौत के बाद से दूसरी शादी तक महिला को मिले पेंशन परिलाभ का साठ प्रतिशत हिस्सा भी मां को दिलाया गया है।
न्यायाधीश के एस झवेरी व न्यायाधीश अशोक गौड़ की खंडपीठ ने मेजर की मां विमला की अवमानना याचिका निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया। मेजर की 2006 में मौत हो गई थी, जिसके बाद सेना ने पत्नी को पेंशन-परिलाभ का लाभ दे दिया। सेना के इसी निर्णय को मेजर की मां ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दरअसल मेजर हर्ष की 12 जून, 2005 को सरिता से शादी हुई और 13 सितम्बर, 2006 को मेजर की मौत हो गई। इसके बाद 28 जनवरी, 2008 को विधवा कोटे में इस महिला को तहसीलदार के पद पर नियुक्ति मिल गई और 27 जून, 2013 में उसने दूसरी शादी भी कर ली।
सेना ने नहीं की आदेश की पालना
मेजर की मां ने बेटे की पत्नी को पेंशन देने का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि पेंशन परिलाभ जिन दस्तावेजों के आधार पर दिए गए हैं, वे सही नहीं हैं। कोर्ट ने इस मामले दिसम्बर 2006 में ही पत्नी को पेंशन परिलाभ देने पर अंतरिम रोक लगा दी, लेकिन सेना ने आदेश की पालना नहीं की और पेंशन परिलाभ का भुगतान जारी रखा। इस पर अवमानना याचिका दायर हुई, जिसमें हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि राशि एफ डी में जमा करा दी जाए। सेना द्वारा मेजर की पत्नी की पेंशन जारी रखने पर मामला पुन: हाईकोर्ट पहुंचा।
कोर्ट ने यह दिया आदेश
कोर्ट ने पत्नी के दूसरे शादी करने के कारण 28 जून 2013 से मां को पेंशन प्राप्त करने का हकदार माना है। साथ ही, इससे पहले की राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा भी मां को दिलाया है।
Published on:
04 Aug 2018 07:10 pm
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