
राजस्थान हाईकोर्ट ने आरसीए चुनाव प्रक्रिया को बीच में रोककर रद्द करने को गलत माना है। कोर्ट ने तीन सप्ताह में किसी पूर्व आईएएस अधिकारी को चुनाव अधिकारी बनाकर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने इसके साथ ही चुनाव परिणाम सार्वजनिक करने पर रोक लगाते हुए परिणाम को बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में भीलवाड़ा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल और एडवोकेट राजेश महर्षि ने पक्ष रखा था।
आरसीए के लिए अप्रेल में चुनाव होने थे और नामांकन भी दाखिल हो गए थे। इसी बीच आरसीए पदाधिकारियों ने बैठक बुलाकर चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दिया। इसे राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
मंगलवार को मामले में याचिकाकर्ता की ओर से कासलीवाल और महर्षि ने कोर्ट को बताया कि चुनाव प्रक्रिया एक बार शुरू होने के बाद बीच में नहीं रोकी जा सकती है। विरोधी पक्ष में चुनावी माहौल को देखते हुए मनमाना फायदा लेने के लिए चुनाव प्रक्रिया को रद्द किया है। इस पर जस्टिस जेके रांका ने चुनाव रद्द करने को गलत ठहराया।
Published on:
02 May 2017 12:25 pm
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