
हाईकोर्ट ने माना CGPSC का निर्णय सही, भर्ती योग्यता तय करने का अधिकार राज्य सरकार का...(photo-patrika)
Rajasthan High Court New Order : स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम पर नया अपडेट। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम के अंतर्गत 25 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवारों के बच्चों की छात्रवृत्ति रोकने के एकलपीठ के आदेश की पालना पर रोक लगा दी। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपीलार्थी से कहा कि उसे स्कॉलरशिप चाहिए तो अपील पर फैसला होने तक संपत्ति राज्य सरकार के पास गिरवी रखे, जिससे उसके खिलाफ निर्णय होने पर वसूली की जा सके।
मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित की खंडपीठ ने मनजीत देवड़ा की अपील पर यह आदेश दिया। अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कहा कि विदेश में अध्ययन के लिए अपीलार्थी का राजीव गांधी स्कॉलरशिप एकेडमिक एक्सीलेंसी स्कीम (स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप स्कीम) में आवेदन मंजूर हो गया।
पुनीत सिंघवी ने कहा कि फरवरी 2024 में विज्ञान स्नातक की पढ़ाई के लिए वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, लेकिन स्कॉलरशिप की राशि जारी नहीं की गई। राज्य सरकार ने आवेदन निरस्त होने की जानकारी भी अपीलार्थी को नहीं दी।
अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि योजना के तहत ई-1 श्रेणी में परिवार की सालाना आय 8 लाख, ई-2 श्रेणी में सालाना आय 8 लाख से 25 लाख और ई-3 श्रेणी में सालाना 25 लाख से अधिक आय वालों को स्कॉलरशिप का प्रावधान है। अपीलार्थी के भाई को ई-2 श्रेणी में स्कॉलरशिप दी गई, वहीं परिवार की सालाना आय में अंतर आने पर अपीलार्थी को स्कॉलरशिप नहीं दी गई। इसके अलावा एकलपीठ के समक्ष ई-3 श्रेणी का विवाद भी नहीं था। इसके बावजूद एकलपीठ ने 29 अप्रेल को इस श्रेणी में स्कॉलरशिप देने पर रोक लगा दी।
Updated on:
09 May 2025 11:29 am
Published on:
09 May 2025 11:29 am
