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राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला: विवाहित बेटी भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार, सरकार की अपील खारिज

Rajasthan High Court: हाईकोर्ट की एकलपीठ के बाद अब खंडपीठ ने भी विवाहित बेटी को पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति का हकदार मान लिया।

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जयपुर

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Alfiya Khan

Dec 25, 2024

RAJASTHAN HIGH COURT JAIPUR

जयपुर। हाईकोर्ट की एकलपीठ के बाद अब खंडपीठ ने भी विवाहित बेटी को पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति का हकदार मान लिया। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर पिछले दिनों यह आदेश दिया।

तथ्यों के अनुसार मंजू लता के पिता बारां पुलिस लाइन में एएसआइ थे। ड्यूटी के दौरान 20 मार्च 2016 को पिता की मौत हो गई। परिवार में अन्य कोई आश्रित नहीं होने के आधार पर मां ने मई 2016 में याचिकाकर्ता का अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि विवाहित होने के कारण बेटी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र नहीं थी।

मंजू लता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वह पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति की पात्र है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता विवाहित बेटी को अनुकंपा नियुक्ति का हकदार माना और राज्य सरकार से नियुक्ति देने को कहा, लेकिन राज्य सरकार ने आदेश के खिलाफ अपील की। अब खंडपीठ ने भी आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।

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