
love marriage
जयपुर।
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रेम विवाह करना कोई अपराध नहीं है। राज्य सरकार प्रेम विवाह करने वालों को संरक्षण के लिए गाइडलाइन बनाए और हर जिले में महिला आइपीएस अधिकारी की नियुक्ति करें। कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाजिर पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग से गाइडलाइन बनवाकर पेश करने को कहा।
न्यायाधीश के. एस. अहलुवालिया ने बजरंग लाल की याचिका पर यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान गर्ग के साथ ही अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बी. एल. सोनी भी पेश हुए। प्रार्थीपक्ष के अधिवक्ता नवाब अली राठौड़ ने कोर्ट को बताया कि 21 नवंबर को याचिकाकर्ता ने आंधी थाना इलाके में रहने वाली युवती से प्रेम विवाह किया, लेकिन युवती के पिता ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। इस पर युवती ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार की है। याचिका में कहा कि सुरक्षा देने के आदेश के बावजूद पुलिस ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर अधीनस्थ अदालत में आरोप पत्र पेश कर दिया। इसी मामले में कोर्ट ने डीजीपी को तलब किया था।
कोर्ट ने कहा कि प्रेम विवाह करना कोई अपराध नहीं है। इन दम्पत्तियों के कई ऐसे मामले हाईकोर्ट के सामने आए हैं, जहां पुलिस ने उन पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई से बचने के लिए पीडि़त दंपत्तियों को हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ती है।
कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से ऐसे दम्पत्तियों की सुरक्षा के उपाय बताने को कहा, जिस पर उन्होंने कोर्ट को इन दम्पत्तियों को सुरक्षा दिलाने का भरोसा दिलाया। साथ ही, कहा कि ऐसे दम्पत्तियों के आश्रय स्थल के लिए राज्य सरकार को वे अपनी ओर से सिफारिश भेजेंगे।
Published on:
05 Jan 2019 09:39 am
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