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जयपुर में मास्टर प्लान के उल्लंघन पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कृषि भूमि पर चल रहे मैरिज गार्डन पर लटकी तलवार

Master Plan: राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए को मास्टर प्लान के विपरीत कृषि भूमि पर चलाए जा रहे मैरिज गार्डन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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Rajasthan high court

Rajasthan high court (Patrika Photo)

जयपुर। कृषि भूमि पर चल रहे मैरिज गार्डन व वाणिज्यिक गतिविधियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हाईकोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण को भूरूपान्तरण कराए बिना मास्टर प्लान के विपरीत कृषि भूमि पर चलाए जा रहे मैरिज गार्डन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कार्रवाई में पिक एंड चूज की शिकायतों को लेकर कहा कि चाहे आयुक्त हो या जोन उपायुक्त दोषियों को बख्शा नहीं जाए।

साथ ही स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में जेडीए न्यायाधिकरण के फैसले को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका के जरिए चुनौती नहीं दी जा सकती, अनुच्छेद 227 के तहत अपील की जा सकती है।

ये है मामला

न्यायाधीश समीर जैन ने इस मामले में जेडीए न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ जगदीश प्रसाद शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति ने बिना अनुमति मैरिज गार्डन संचालित कर रखे हैं तो भी समानता यानी एक की गलती के आधार पर दूसरे को अनुमति नहीं दी जा सकती। याचिका में जेडीए के 2025 को संपत्ति सील करने को चुनौती दी थी।