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हर जिले में खोला जाए वृद्धाश्रम, प्लान पेश करें राज्य सरकार : हाईकोर्ट

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अवमानना याचिका को स्वप्रेरणा से जनहित याचिका में बदल दिया है।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Sep 07, 2023

Rajasthan High Court Directs To Take Offline Application For Post Of Dental Technician

rajasthan high court: आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अवमानना याचिका को स्वप्रेरणा से जनहित याचिका में बदल दिया है। कोर्ट ने इन वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए हर जिले में कम से एक सुविधा सम्पन्न वृद्धाश्रम केन्द्र खोलने के लिए राज्य सरकार से रोडमैप व प्लान पेश करने को कहा है। साथ ही, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से इनकी मॉनिटरिंग करने तथा कॉलेज शिक्षा विभाग व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से वृद्धाश्रमों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने को कहा है।

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न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने लोक उत्थान संस्थान की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिया। अब इस मामले पर जनहित याचिका के रूप में 6 नवम्बर को सुनवाई होगी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नयनतारा सोनी ने कोर्ट को बताया कि अदालती आदेश की पालना नहीं की गई। कोर्ट ने वृद्धाश्रमों के बारे में सरकार की ओर से पेश जवाब का विश्लेषण कर कहा कि वर्तमान में कई जिलों में वृद्धाश्रम की व्यवस्था ही नहीं है। 50 में से केवल 36 जिलों में वर्तमान में वृद्धाश्रम हैं। वरिष्ठ नागरिकों को संरक्षण अधिनियम के अनुसार कानूनन हर जिले में कम से कम एक वृद्धाश्रम की व्यवस्था होनी चाहिए। इनमें सुविधाओं के लिहाज से भी सुधार की आवश्यकता है।

जागरूकता की आवश्यकता...
कोर्ट ने कहा कि सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग वृद्धाश्रमों की निगरानी करे, वहीं वृद्धाश्रमों के बारे में प्रचार व जागरूकता भी आवश्यकता है। जागरूकता संबंधी इस कार्य के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्लान तैयार करे, राज्य सरकार भी जागरूकता संबंधी कार्य के लिए प्लान तैयार कर उससे कॉलेज विद्यार्थियों को जोड़े। इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं कॉलेज शिक्षा विभाग साझा प्लान तैयार करे।

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मानसिक विशेष योग्यजन बालिका से बलात्कार के दोषी को उम्रकैद की सजा
जयपुर में महिला उत्पीड़न मामलों की जयपुर महानगर-प्रथम क्षेत्र स्थित विशेष अदालत ने मानसिक रूप से विशेष योग्यजन बालिका से बलात्कार करने वाले 40 वर्षीय भवानी सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं कोर्ट ने पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इस मामले में अपराधी को पकड़वाने वाले ऑटो चालक की प्रशंसा भी की है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों की सुरक्षा करना हर व्यक्ति की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है, लेकिन बलात्कार जैसी घटनाओं के कारण महिलाएं हर पुरुष के प्रति डर का भाव लेकर जीती हैं।

यह था मामला...28 जुलाई, 2020 की रात ऑटो चालक जब्बार रात करीब एक बजे ओटीएस चौराहा से रेलवे स्टेशन जा रहा था। इस दौरान उसने देखा कि एक व्यक्ति लड़की को लेकर नाले की ओर जा रहा था। ऑटो चालक कुछ लोगों को लेकर नाले के पास गया। जहां वह व्यक्ति आपत्तिजनक अवस्था में मिला।