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सीएम की मंजूरी के पांच माह बाद आखिर बदला उद्योग विभाग का नाम

— अब केन्द्र की तर्ज वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास भी होगा विभाग की जिम्मेदारी

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सीएम की मंजूरी के पांच माह बाद आखिर बदला उद्योग विभाग का नाम

सीएम की मंजूरी के पांच माह बाद आखिर बदला उद्योग विभाग का नाम

जयपुर. मुख्यमंत्री की मंजूरी के तकरीबन पांच माह बाद आखिरकार राज्य सरकार के उद्योग विभाग का नाम बदल गया। अब इस विभाग को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यालयों और सचिव व अन्य अधिकारियों के पदनाम भी परिवर्तित हो जाएंगे।
सरकार ने गुरुवार को इसके आदेश जारी कर दिए। दरअसल, केन्द्र सरकार ने जनवरी 2019 में उद्योग मंत्रालय का नाम बदल कर उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग कर दिया। देश के 18 राज्य इसी अनुरूप अपने यहां विभाग का नाम बदल चुके। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री स्तर से 23 मार्च को ही प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया गया। लेकिन इसके बाद मामला अटक गया था।
उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव शक्ति सिंह राठौड़ के अनुसार अब उद्यम विकास और निवेश के साथ ही सेवा और वाणिज्य से जुड़ी गतिविधियों का विकास भी विभाग के कार्यकलापों में शामिल हो गया है। केन्द्र से एकरूपता के चलते अब निर्यात और लॉजिस्टिक संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन और सुलभ हो सकेगा।