
कोरियाई कम्पनियां आई तो सरकार फिर से विकसित कर देगी केआइजेड
जयपुर. कोरोना काल के बाद विनिर्माण क्षेत्र की स्थितियों में भारी बदलाव को भांपते हुए राज्य सरकार ने जापान और अमरीका के बाद दक्षिण कोरिया को भी निवेश के लिए आमंत्रित किया है। सरकार ने कोरिया को यह भरोसा भी दिया है कि कोरियाई कम्पनियों के निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्थान में फिर से डेडिकेटेट कोरियन इन्वेस्टमेंट जोन (केआइजेड) भी विकसित किया जाएगा।
उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ.सुबोध अग्रवाल ने रिपब्लिक आॅफ कोरिया के राजदूत शिन बोंगकिल को पत्र लिख कर राजस्थान में निवेश का न्योता दिया। इसमें कहा गया है कि पूर्व के वादे के अनुसार राजस्थान फिर से कोरियाई निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्सुक है। अगर दक्षिण कोरिया की कम्पनियां आती हैं तो वहां की एजेंसियों के साथ तालमेल के जरिए राजस्थान में उपयुक्त स्थान पर कोरियाई विनिवेश क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसके अलावा भी राज्य सरकार हर संभव सहायता और रियायतें देने को तैयार है।
2013 में हुआ था एमओयू
इससे पहले, वर्ष 2013 में रीको और कोरिया ट्रेड इन्वेस्टमेंट एजेंसी (कोटरा) के बीच हुए एमओयू के आधार पर घिलोथ में 263 एकड़ भूमि पर केआइजेड विकसित किया गया। हालांकि यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई। इसी का हवाला देते हुए सरकार ने फिर से नया प्रस्ताव कोरिया को दिया है।
जापान को बताई प्रदेश की उद्योग नीतियां
एसीएस अग्रवाल ने जापान के व्यापार संगठन जापान एक्स्ट्रनल ट्रेड आॅर्गेनाइजेशन को भी निवेश के लिए राजस्थान सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी दी है। संगठन के चेयरमैन साकी नोबुहिको को पत्र में उन्होंने 2019 में लाई गई सरकार की नई औद्योगिक विकास नीति, निवेश प्रोत्साहन योजना और विभिन्न मंजूरियों के एक ही स्थान पर मिलने के प्रावधान वाली वन स्टॉप शॉप जैसे निर्णयों के बारे में बताया है। संगठन को पूर्व में हो चुकी साझेदारी का हवाला देते हुए कहा है कि जापानी कम्पनियों के निवेश के लिए राजस्थान सरकार इस कार्य के लिए संदर्भ व्यक्ति भी नामित कर देगी।
उद्यमियों की मांग, ज्वॉइंट वेंचर के लिए मंच बनाए सरकार
इधर, प्रदेश के उद्यमियों ने विदेशी कम्पनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से एक मंच मुहैया कराने की आवश्यकता जताई है। उदयपुर चैम्बर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमी गिरिराज सिंह सिसोदिया ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग, आॅटो पार्ट्स, फार्मा में राजस्थान के उद्यमों और विदेशी कंपनियों के बीच ज्वाइंट वेंचर की संभावना हैं। सरकार को विदेशी कंपनियों से यहां के उद्यमियों को जोड़ने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहिए।
Published on:
11 May 2020 07:30 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
