
Mumbai ferry accident : मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा के बीच हुए दर्दनाक नाव हादसे में जिले के रेनवाल तहसील के जूनसिया गांव के जवान महेंद्र सिंह राजपूत शहीद हो गए। महेंद्र सिंह भारतीय नेवी में मार्कोस कमांडो के पद पर कार्यरत थे और दो माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनकी उम्र 34 वर्ष थी। हादसे की खबर से उनके गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
रेनवाल की तहसीलदार कोमल यादव ने बताया कि महेंद्र सिंह का शव गुरुवार दोपहर तक गांव पहुंचेगा। गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। महेंद्र सिंह के शहीद होने की खबर सुनकर परिजनों और गांववालों का रो रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं।
परिवार से बातचीत में सामने आया कि महेंद्र सिंह न केवल नेवी के एक कुशल जवान थे, बल्कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी गन चलाने की ट्रेनिंग दी थी। उनका यह योगदान उनकी बहुमुखी प्रतिभा और देशसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि यह हादसा बुधवार को हुआ, जब नीलकमल नाम की एक बोट गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा की ओर जा रही थी। नेवी के जहाज से टकराने के बाद बोट समुद्र में पलट गई। हादसे में महेंद्र सिंह समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन नेवी के जवान भी शामिल थे। इस हादसे में 101 लोगों को बचा लिया गया, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता हैं।
महेंद्र सिंह के शहीद होने की खबर ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्र के लोग उनकी वीरता और देश सेवा को याद कर उन्हें नमन कर रहे हैं। महेंद्र सिंह के परिवार को सांत्वना देने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग सक्रिय हैं।
Updated on:
19 Dec 2024 11:27 am
Published on:
19 Dec 2024 11:27 am
