
शंखनाद सभा में शंख बजाते सवर्ण समाज के प्रतिनिधि। फोटो पत्रिका
UGC Act : सर्व समाज संघर्ष समिति के बैनर तले शहीद स्मारक पर रविवार को सवर्ण संगठनों की ओर से यूजीसी एक्ट के विरोध में शंखनाद सभा हुई। इस दौरान विभिन्न समाज के संगठनों के पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर एकजुटता का परिचय दिया। सभा में राजपूत, ब्राह्मण, वैश्य संगठन के प्रमुख लोगों ने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि सवर्णों ने मतदान के दिन घर से निकलना बंद कर दिया तो भारी पड़ेगा। वक्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ही उनके समाज से होने के बावजूद बीते दो साल से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है और अन्य जनप्रतिनिधियों की खामोशी भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया ने कहा कि देश में पिछले आठ दशक से हमारा समाज जातिगत भेदभाव का सामना कर रहा है और अब हमारे बच्चों के खिलाफ बनाए जा रहे नए कानून किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं। श्रीराजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो जल्द ही विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
राजपूत सभा के अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई ने कहा कि जरूरत पड़ी तो अलग राजनीतिक दल खड़ा करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। वैश्य समाज के सुभाष माहेश्वरी ने जातिवादी व्यवस्था के खिलाफ तन, मन, धन से साथ देने का आश्वासन दिया।
हरियाणा ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरदीचंद शर्मा, गौड़ सनाढ्य के अध्यक्ष देवीशंकर शर्मा, विप्र सेना के युवा अध्यक्ष रवि जोशी, वैश्य सेना के अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल, हिंदू सेना के अध्यक्ष अशोक कौशिक आदि ने भी संबोधित किया।
1- यूजीसी एक्ट को वापस लेने और अन्य जातिवादी कानूनों की समीक्षा हो।
2- ईडब्ल्यूएस वर्ग को पंचायत और निकाय चुनाव में आरक्षण।
3- सवर्णों से जुड़े सभी बोर्डों का गठन हो।
4- गरीब सवर्ण को छात्रवृत्ति बजट।
5- पंडित पुजारियों के लिए संरक्षण बिल।
Updated on:
02 Feb 2026 07:24 am
Published on:
02 Feb 2026 07:24 am
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