जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) में भ्रष्टाचार के आरोप—प्रत्यारोप के बीच अब केंद्र सरकार ने अपनी टीम के जरिए इसमें हो रहे कामों की जांच शुरू करवा दी है। केंद्र सरकार की ओर से एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम को राजस्थान भेजा गया है। नेशनल जल जीवन मिशन टीम ने जल जीवन मिशन के कामों की जांच के साथ ही प्रयोग में ली जा रही सामग्री की गुणवत्ता जांचने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए गांवों में जाकर सामग्री के सेंपल लिए जा रहे हैं और इन सैंपल की प्रयोगशाला में जांच करवाई जा रही है।
गौरतलब है कि मिशन को लेकर राज्य सरकार इस समय केंद्र के रेडार पर है और इसमें हजारों करोड़ रुपए के घपले की आशंका जताई जा रही है। मामले में राज्य भाजपा के कई नेता जलदाय मंत्री महेश जोशी पर आरोप लगा चुके हैं। इस बीच जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ आईएएस रणजीत सिंह के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम राजस्थान भेजी गई है। टीम को जल जीवन मिशन के कामों की जांच के साथ ही प्रयोग में ली जा रही सामग्री की गुणवत्ता जांचने का काम भी सौंपा गया है।
जयपुर जिले से जुटाए सैंपल
टीम ने जेजेएम के तहत जयपुर व दौसा जिले में हुए कामों की जांच शुरू की है। इसके लिए टीम के सदस्य जलदाय विभाग के इंजीनियर्स को लेकर आसपास के गांवों जा रहे है। टीम ने जयपुर जिले के बस्सी, तूंगा, बांसखों आदि जगहों पर जाकर जेजेएम के तहत हुए कामों की जांच की, इस दौरान टीम सदस्यों ने पाइप लाइन के साथ ही टंकियों के निर्माण में काम में ली गई सामग्री के सैंपल एकत्र किए। आज इन सैंपलों की जांच प्रयोगशाला में करवाई जा रही है।
आज दूदू व कल अलवर जाने का कार्यक्रम
केन्द्रीय टीम अभी जयपुर जिले में जेजेएम के कामों की जांच में जुटी हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार टीम का दूदू जाने का कार्यक्रम है। दूदू में जेजेएम में भ्रष्टाचार को लेकर मामला गरमाया हुआ है। ऐसे में टीम दूदू जाकर सामग्री की गुणवता की जांच करेगी। इसके अलावा टीम बुधवार को अलवर जिले में भी जाएगी, वहां भी जेजेएम के तहत हुए कामों की जांच करेगी।
अगस्त में भी आई टीम
केन्द्र व राज्य सरकार के बीच जेजेएम को लेकर मामला गरमाने के बाद पिछले माह ही केन्द्र की टीम जयपुर आई थी, तब टीम ने जलदाय विभाग के अफसरों की मीटिंग लेकर तथ्य जुटाए थे।