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सैकड़ों अभ्यार्थियों ने किया प्रदर्शन, पेपर रद्द करने की मांग, ट्वीटर पर भी दिनभर गर्माता रहा मामला

जेईएन भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने का आरोप लगाते हुए राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड कार्यालय के बाहर आज प्रदर्शन किया। लगभग दो घंटे तक नारेबाजी करने के बाद कार्यालय में अभ्यार्थियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया और वार्ता की गई।

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जयपुर

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Abdul Bari

Dec 09, 2020

सैकड़ों अभ्यार्थियों ने किया प्रदर्शन, पेपर रद्द करने की मांग, ट्वीटर पर भी दिनभर गर्माता रहा मामला

सैकड़ों अभ्यार्थियों ने किया प्रदर्शन, पेपर रद्द करने की मांग, ट्वीटर पर भी दिनभर गर्माता रहा मामला

जयपुर. जेईएन भर्ती परीक्षा ( RSMSSB Junior Engineer Exam ) के अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने का आरोप लगाते हुए राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड कार्यालय के बाहर आज प्रदर्शन किया। लगभग दो घंटे तक नारेबाजी करने के बाद कार्यालय में अभ्यार्थियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया और वार्ता की गई।

...तो राजस्थान विवि में करेंगे प्रदर्शन

अभ्यार्थियों का कहना था कि उन्हें कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है। मामला एसओजी के पास है और बोर्ड एसओजी को जांच में सहयोग कर रहा है। अभ्यार्थियों का कहना था कि बोर्ड से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है ऐसे में अब वह कल राजस्थान विवि में प्रदर्शन करेंगे। अभ्यार्थियों का कहा कि बोर्ड को यह पेपर रद्द करना चाहिए। जब तक बोर्ड पेपर रद्द नहीं करता और पेपर दोबारा आयोजित नहीं करता उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

ट्वीटर पर भी दिनभर गर्माता रहा मामला

ये मामला आज दिनभर ट्वीटर पर भी छाया रहा। अभ्यार्थियों और उनके समर्थकों ने #JE_परीक्षा_रद्द_करो हैशटेग के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की।


इनका कहना है...

''राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 6 दिसंबर को आयोजित कनिष्ठ अभियंता सीधी भर्ती परीक्षा के तय समय से पहले जिस प्रकार व्हाट्सएप व अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जेईन का पेपर वायरल हुआ, वो बोर्ड व सरकार की सुरक्षा व संजीदगी पर बड़े प्रश्न चिन्ह खड़े करते है। लंबे अरसे से मेहनत कर रहे युवाओं का भविष्य एक बार फिर संकट में है। अब उनकी जगह बिचौलियों से खरीदे गए पेपर को लेकर अयोग्य उम्मीदवार चयनित होंगे। जो की बिल्कुल अनुचित है। मामलें को संज्ञान में लेकर पुलिस ने कुछ गिरफ्तारी की है, लेकिन यह अंतिम हल नहीं है। सरकार व बोर्ड से मांग करता हूं इस परीक्षा को रद्द करते हुए जल्द अगले 3 महीने में पुनः परीक्षा आयोजित कराए।''

हंसराज मीणा
सामाजिक कार्यकर्ता, करौली