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जयपुर।
लड़कियों के लिए विशेष बसें चलाई जाएं। बसों में सुरक्षा के लिए पूरे इंतेजाम होने चाहिए। लगातार दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं, ये बंद होनी चाहिए। युवाओं को रोजगार दिए जाएं। जो इनके वादे करेगा और उन्हें पूरा करने के लिए समय भी तय करेगा, उसे ही वोट दूंगी।
अदिति (20) बीसीए, पार्ट तृतीय
पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतें हर दिन आसमान छू रही हैं। पहले जहां 400 रुपए का सिलेंडर आता था, अब 900 रुपए का आने लगा है। सब्सिडी कभी खाते में आती है, कभी नहीं आती। पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में भी कमी होनी चाहिए।
टीना मंगल (31) गृहिणी
छोटी बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं से दुष्कर्म की खबरें आए दिन सामने आ रही हैं। इन पर रोक के लिए सख्त कानून बनना चाहिए। सड़कों की हालत भी खराब है। कचरे उठाने वाले हूपर्स का समय तय नहीं है। पार्कों में अतिक्रमण हो रहे हैं।
शांता ठाकुरिया (40) गृहिणी
इस बार चुनावों मे सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा महंगाई है। पेट्रोल और डीजल की अनियंत्रित कीमतों के कारण घरेलू सामग्रियों की कीमतों में भी बेतहाशा बढ़ोत्तरी होती जा रही है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय भी ये कीमतें बेलगाम थी और इस सरकार के समय में भी।
सरोज (50) गृहिणी
कई दिनों तक हड़ताल के बाद भी कर्मचारियों की सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों की वाजिब मांगें भी नहीं मानी जा रही हैं। उलटा, हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटा जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है। मेरे हिसाब से इस बार यहीं बड़ा मुद्दा रहेगा।
शुभा अरोड़ा (60) शिक्षका
वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी तरफ परिवारों में लगातार वृद्धजनों की अवहेलना के मामले सामने आ रहे हैं। वृद्धजनों के मामले में राजनीतिक पार्टियों की क्या नीति रहेगी, महिला सुरक्षा पर दलों का क्या पक्ष है, ये देखकर ही वोट दूंगी।
मुन्ना देवी जैन (86) गृहिणी
Published on:
09 Oct 2018 08:15 am
