
जयपुर। राजस्थान में कोरोना वायरस से बचाव और उसकी रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन का पुलिस के सख्ती बरतने पर असर दिखने लगा और राजधानी जयपुर सहित अन्य शहरों की सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। जयपुर जिले के बस्सी थाना अधिकारी विनोद मेनारिया ने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से 31 मार्च तक पूरे प्रदेश में लोक डाउन किया गया है। सभी मार्केट और गली मोहल्ले बंद हैं। ऐसे में सभी को घरों में रहने के लिए कहा गया है, लेकिन जो लोग वाहनों से आने जाने से नहीं मान रहे हैं उनके प्रति पुलिस सख्ती दिखा रही है। लापरवाही करने वालो को समझाया जा रहा है फिर भी वो नहीं मान रहे तो कड़ाई से पालन करवाया जा रहा है।
राज्य में जयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, भीलवाड़ा, उदयपुर सहित सभी शहरों में लॉकडाउन की पालना कराने के लिए पुलिस मुस्तैद नजर आई और जगह जगह अवरुद्ध लगाकर लोगों से पहचान पत्र मांगे और बिना जरुरी काम के बाहर निकले लोगों को वापस घरों को भेजा गया। लॉकडाउन के चलते दवा, दूध और जरूरी सामान की दुकानें खुली रही और इस दौरान सरकारी कर्मचारी, अस्पताल, मीडिया एवं अन्य आवश्यक सेवा के लोगों को पहचान पत्र देखकर ही जाने दिया जा रहा है।
पुलिस ने पैदल निकल रहे लोगों से भी पूछताछ कर रही है। लॉकडाउन के दौरान उदयपुर में कुछ लोगों के इसकी पालना नहीं करने पर पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी और वहां एकत्रित लोगों को खदेड़ा गया। राज्य में लॉकडाउन की पालना नहीं करने वाले कई लोगों के चालान काटे और कई वाहन भी जब्त किए गए। प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान सोमवार को लोगों ने इसकी पालना नहीं करते हुए घर से बाहर निकले थे। इसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि लॉकडाउन को ही कर्फ्यू माना जाए। लोगों ने अगर लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगा दिया जाएगा। निजी वाहनों के परिवहन पर भी रोक लगा दी गई है और एक शहर से दूसरे शहरों में जाने से रोका जा रहा है ताकि कोरोना वायरस के फैलने से रोका जा सके।
Published on:
24 Mar 2020 03:44 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
