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Rajasthan: भूतपूर्व सैनिकों की मैरिट अब श्रेणीवार

विवाद का कारण बने भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण संबंधी प्रावधान में बदलाव को केबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

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Indian Army Recruitment 2022

Rajasthan Civil Services (Absorption of Ex-Servicemen) Rules-1988 has been amended on the lines of the Center and it has been decided to prepare merit category-wise for Ex-Servicemen reservation: विवाद का कारण बने भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण संबंधी प्रावधान में बदलाव को केबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राजस्थान सिविल सेवा (भूतपूर्व सैनिकों का आमेलन) नियम- 1988 में केन्द्र की तर्ज पर संशोधन कर भूतपूर्व सैनिक आरक्षण के लिए मेरिट श्रेणीवार तैयार करने का निर्णय किया है, जिससे ओबीसी आरक्षण में विसंगति का मुद्दा समाप्त हो गया।

केबिनेट में जोर दिया कि वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों में संशोधन का लाभ मिलने में कोई दिक्कत नहीं हो। इस संशोधन से अनुसूचित जाति-जनजाति के भूतपूर्व सैनिकों को सीधी भर्तियों में पर्याप्त आनुपातिक प्रतिनिधित्व मिल सकेगा, वहीं पिछड़ा वर्ग के गैर भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को भी लाभ होगा। भूतपूर्व सैनिकों को आयु व न्यूनतम अंकों में छूट का लाभ पहले की तरह ही मिलता रहेगा।

इसके अलावा भूतपूर्व सैनिकों के रिक्त पद रहने पर उनको एक भर्ती वर्ष तक अग्रेषित (कैरी फॉरवर्ड) किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अब तक भूतपूर्व सैनिकों की मेरिट तैयार कर उनका समायोजन संबंधित श्रेणी में किया जाता है, जिसमें अनुसूचित जाति-जनजाति के भूतपूर्व सैनिकों का चयन कम होता था और कुछ भर्तियों में पिछड़ा वर्ग के गैर भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा था।

हो गया समाधान

आरक्षण में विसंगति को लेकर संघर्षरत पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने नियमों में बदलाव को आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अब समस्या का समाधान हो गया है। अब भूतपूर्व सैनिकों की मेरिट श्रेणीवार ही तैयार होगी।