
जयपुर. प्रदेश में खनिजों की खोज को तेज करने के लिए खान विभाग प्रत्येक तीन माह में खोज के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगा। इसके साथ ही भूविज्ञानी फील्ड में रहते हुए नए खनिज क्षेत्रों को चिह्नित करेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में भी खनन गतिविधि शुरू हो सके।
खान निदेशक भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि कंपोजिट लाइसेंसधारियों के खोज कार्यों की समीक्षा करने से खोज कार्य और गुणवत्ता में सुधार व तेजी आएगी। भूविज्ञान अधिकारियों को भी ज्यादा समय क्षेत्रों में काम करने के लिए कहा है, जिससे कि उन खनिज क्षेत्रों को चिह्नित किया जा सके, जहां अभी खनन कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। खान विभाग जीएसआई, एमईसीएल व अन्य संस्थाओं के साथ खोज कार्य और नई खानों की नीलामी के लिए ब्लॉक तैयार कर रहा है।
57 प्रकार के खनिजों का हो रहा खनन
देश में खनिजों की उपलब्धता में राजस्थान समृद्ध राज्य है। राज्य में 81 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। इनमें से अभी करीब 57 प्रकार के खनिजों का खनन हो रहा है। सीसा, जस्ता, चांदी, जिप्सम, सोपस्टोन, बॉल क्ले, कैल्साइट, रॉक फॉस्फेट, फेल्डस्पार, कॉओलिन, कॉपर, जैस्पर, वोलास्टोनाइट जैसे खनिजों के उत्पादन में राज्य का लगभग एकाधिकार है। लिग्नाइट, कच्चा तेल और उच्च गुणवत्ता वाली गैस के भी विशाल भंडार हैं।
Updated on:
26 Aug 2024 02:25 pm
Published on:
26 Aug 2024 02:24 pm
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