
Mobile Theft
अजमेर.
मोबाइल फोन पर पासवर्ड लगाकर उसे सुरक्षित मान रहे हैं तो यह आपकी बड़ी भूल है। अजमेर में चोरी के मोबाइल फोन को ठिकाने लगाने वाला बड़ा रैकेट काम कर रहा है। जिसके गुर्गे ना केवल यहां आने वाले जायरीन व पर्यटकों की ज्वैलरी पर हाथ साफ करते हैं, बल्कि भीड़-भाड़ में पलक झपकते कीमती मोबाइल फोन उड़ा ले जाते हैं। मोबाइल फोन चुराने के बाद शुरू होता है उन्हें खपाने का खेल। चोरी के मोबाइल को मुम्बई के ग्रे-मार्केट में ठिकाने लगाया जाता है। ये खुलासा भी बीते दिनों दरगाह क्षेत्र में पकड़े गए मुम्बई के जेबकट चोर गिरोह से हुी पूछताछ में हुआ।
4 माह में जब्त 800 मोबाइल फोन
दरगाह इलाके में लगातार बढ़ती जेबतराशी की रोकथाम के लिए एसपी विकास शर्मा ने दरगाह थाना पुलिस व साइबर सेल के साथ विशेष अभियान चला रखा है। अभियान के नतीजे भी सामने आए। बीते 6 माह में पुलिस ने महाराष्ट्र मुम्बई, पश्चिम बंगाल, कोलकाता, हावड़ा और दिल्ली के जेबतराश गिरोह को दबोचा। उनसे करीब 2 करोड़ से ज्यादा कीमत के 800 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसमें बड़ी संख्या में ब्रांडेड कम्पनी के मोबाइल हैं।
एएसपी (आईपीएस) विकास सांगवान के निर्देशन में साइबर सेल टीम एएसपी अभय कमांड सेंटर प्रीति चौधरी के नेतृत्व में मोबाइल ट्रेसिंग व बरामदगी में जुटी है। वहीं दरगाह थानाप्रभारी दलबीर सिंह और उनकी टीम जायरीन की भीड़ में जेबतराश चोर गिरोह पर नजरे जमाए हुए हैं।
पार्सल है सुरक्षित ट्रांसपोर्ट
बीते कुछ सालों में जेबतराशों ने भी चोरी के मोबाइल फोन को मुम्बई तक पहुंचाने के लिए सबसे आसान व सस्ता रास्ता ढूंढ निकाला है। जेबकट गिरोह 50 से 100 मोबाइल फोन का पार्सल कूरियर या पार्सल बनाकर मुम्बई भेज देते हैं। इससे चोरी के मोबाइल को मुम्बई तक ले जाना भी आसान और सुरक्षित हो गया है। इससे चोरी के माल के साथ पकड़े जाने का खतरा भी काफी हद तक कम हो गया है।
ग्रे मार्केट में बिकते हैं मोबाइल
दरगाह क्षेत्र से चुराए गए अधिकांश मोबाइल फोन मुम्बई के ग्रे मार्केट में बिकते हैं। ग्रे मार्केट में मोबाइल फोन व कोई से भी इलेक्ट्रोनिक उपकरण को पुर्जा-पुर्जा करके बेचा जाता है। बाजार में बिकने वाले ब्रांडेड कम्पनियों के पुर्जों से हू-ब-हू नामी ब्रांड जैसा प्रोडक्ट तैयार कर दिए जाते हैं।
इनका कहना है...
चोर गिरोह चोरी के मोबाइल फोन का पासवर्ड नहीं खुलने पर उन्हें पुर्जे-पुर्जे खोलकर बेच रहे हैं। गिरोह को पकड़ने के लिए 810वें उर्स से विशेष अभियान चलाया गया है। इसमें दरगाह थाने की टीम ने बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन के साथ गैंग पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। वहीं साइबर सेल चोरी व गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर तलाश करती है।
Published on:
12 May 2022 08:46 pm
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