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Rajasthan News : रात भर पड़ाव डाले बैठे रहे सांसद Hanuman Beniwal, फिर अल सुबह 4 बजे आई ये खबर

राजस्थान का शंकर मीणा हत्याकांड, अल सुबह 4 बजे ख़त्म हुआ रात भर चली वार्ता, BJP-RLP की मौजूदगी से ऐसे गर्माया रहा माहौल  

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पीपलू।

टोंक ज़िले में पीपलू उपखंड क्षेत्र में शंकर मीणा हत्याकांड गर्माया हुआ है। डोडवाड़ी से गाता जाने वाले रास्ते पर ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी शव रखकर धरना प्रदर्शन जारी रखा। प्रशासन व ग्रामीणों के बीच मांगों कई दौर की वार्ता बेनतीजा होने के बाद शाम को आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी धरना स्थल पर एन्ट्री ली और प्रशासन से मांगें मनवाने के लिए वहीं डेरा डाल दिया।

मामले में सियासी नेताओं के कूदने से माहौल दिनभर गर्माया रहा। सांसद बेनीवाल से पहले आरएलपी के भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग और मेड़ता विधायक इंदिरा देवी बावरी बुधवार रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। इन नेताओं ने मृतक शंकर मीणा के परिजनों और अन्य ग्रामीणों से वार्ता की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों, परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।

इधर आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल द्वारा लगातार इस मामले में ट्वीट, वीडियो संदेश प्रसारित कर प्रशासन, सरकार, बजरी माफिया, सचिन पायलट को लेकर दिए बयान के बाद सियासी बयानों की भी मानों बुधवार रात्रि से लेकर गुरुवार शाम तक बाढ़ सी आ गई।

रात भर चली वार्ता, अल सुबह 4 बजे बनी सहमति

सांसद हनुमान बेनीवाल के पड़ाव के चलते पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के बीच भी खलबली की स्थिति बनी रही। सांसद बेनीवाल और टोंक कलक्टर और अन्य अफसरों के बीच रात भर वार्ता का। आखिर में शुक्रवार अल सुबह 4 बजे मांगों पर समहति बनी और धरना-प्रदर्शन ख़त्म किया गया। इस दौरान दिवंगत शंकर मीणा के परिजन भी मौजूद रहे।

बजरी माफियाओं को पुलिस का संरक्षण

सांसद हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पीपलू क्षेत्र में बजरी ठेकेदार के एक दर्जन से अधिक गुंडों ने शंकर मीणा की निर्मम हत्या की, लेकिन इस मामले में अभी तक पुलिस खाली हाथ है। पुलिस की गाड़ी हत्यारों की गाड़ी को एस्कॉर्ट कर रही थी। ट्रेक्टर चालक शंकर को पुलिस ने ही पकड़कर ठेकेदार के आदमियों के हवाले किया और उन्होंने शंकर की पीट-पीट कर हत्या कर दी। राजस्थान सरकार बजरी के खेल में अभी तक चुप है और इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद मुख्यमंत्री की एक वक्तव्य तक नहीं आया है। बजरी के खेल में ईडी की एंट्री से कई लोगों की मिलीभगत सामने आएगी।

पहुंचते ही न्याय दिलाने का दिया भरोसा

आरएलपी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल हत्या प्रकरण के विरोध में गुरुवार शाम 5:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। जहां सबसे पहले झाड़ियों किनारे पड़े साहू को देखा तथा परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बांधते हुए विश्वास दिलाया कि जब तक शंकर मीणा के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती तथा शंकर को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के मौके पर पहुंचते ही काफी संख्या में भीड़ उनको देखने के लिए वाहनों पर चढ़ गई। इधर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी सभा स्थल से दूरी बनाकर अलग-अलग जगहों पर हुजूम लगाकर खड़े रहे।

भाजपा नेता भी पहुंचे

घटनास्थल पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा, जिसमें जिलाध्यक्ष राजेंद्र पराणा, नरेश बंसल, एससी मोर्चा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश चंदेल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामनिवास गुर्जर सहित कई नेता मौके पर पहुंचे। साथ ही जिला कलेक्टर एवं एसपी से मुलाकात की।

ये नेता भी पहुंचे

हत्याकांड प्रकरण में गुरुवार सुबह पूर्व जिला प्रमुख रामबिलास चौधरी, पूर्व विधायक कमल बैरवा, कांग्रेस नेता प्रहलाद नारायण बैरवा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हंसराज मीणा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रामगोपाल मीणा, बोरखंडीकला सरपंच रामलाल मीना, कांग्रेस नेता श्रीराम चौधरी मौके पर पहुंचे।

इस तरह चला वार्ता का दौर
ग्राम पंचायत के डोडवाड़ी के राजीव गांधी सेवा केंद्र में रात करीब सवा 12 बजे कांग्रेस, भाजपा सहित कई नेता मृतक के मामा, चाचा के साथ प्रशासन से वार्ता करने पहुंचे। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में चली वार्ता में प्रशासन की ओर से जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, पुलिस अधीक्षक राजर्षि राज, एडिशनल गीता, एडीएम शिवचरण मीना, सीईओ देशलदान आदि की जनप्रतिनिधियों के साथ मांग पत्र के बिंदुओं सहित बजरी माफियाओं, पुलिस के शैली, बजरी के स्टॉक को निरस्त करने को लेकर बातचीत की गई। साथ ही परिवार के एक जने को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपी रॉयल्टी कर्मचारियों को गिरफ्तार करने, पुलिसकर्मियों को निलंबन करने सहित उनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई, मुआवजे आदि को लेकर चर्चा की गई।

इस दौरान प्रशासन ने पीड़ित को करीब 30 से 35 लाख रुपए के मुआवजे, अनुकंपा नौकरी में संविदा पर नौकरी देने तथा कुछ समय बाद सरकारी नौकरी, एफआईआर देने पर हत्यारों को गिरफ्तार कर कारवाई करने, प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने की वार्ता के लिए आए जनप्रतिनिधि मंडल के बीच रखी।

इस वार्ता में आरएलपी के विधायक पुखराज गर्ग, इंदिरा देवी बावरी शामिल नहीं हुए। ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र भवन पर वार्ता के बाद पूर्व जिला प्रमुख एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रामविलास चौधरी ने वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से रखी गई बात से ग्रामीणों में परिजनों को अवगत करवाने लगे। मांग पत्र के अनुसार रामविलास चौधरी ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रशासन द्वारा जो शर्ते रखी गई उनसे मौके पर मौजूद भीड़ व ग्रामीणों को अवगत करवाने के दौरान जमकर हंगामा हो गया। कोई भी इनसे सहमत नजर नहीं आया।

कई जिलों के पुलिस अधिकारी किए तैनात

घटनास्थल पर सुबह से ही आरएसी एवं एसटीएफ के जवान तैनात किए गए। कई जिलों से पुलिस के अधिकारी भी यहां बुलाए गए। खासतौर पर उन अधिकारियों को बुलाया गया जो पूर्व में पीपलू पुलिस थाने में थाना अधिकारी के पद पर रहकर जा चुके हैं। जिला पुलिस अधीक्षक राजर्षि राज सहित पुलिस के तमाम अधिकारियों ने लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क साध कर इस मामले का हल निकालने का प्रयास किया लेकिन देर शाम तक कोई हल नहीं निकल पाया।

दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा: विधायक

गांव डोडवाडी से गाता सड़क मार्ग पर मिले अरनिया कांकड़ निवासी शंकर मीणा पुत्र पप्पू लाल मीणा को न्याय दिलाने को लेकर विधायक प्रशांत बैरवा ने फोन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घटना की विस्तार से जानकारी देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कहा है। विधायक ने बताया कि जो लोग शव पर राजनीति कर रहे हैं वह गलत है। स्वर्गीय शंकर मीणा के परिवार को न्याय मिले इसके लिए युद्ध स्तर प्रयास किये जा रहे है।अगर कोई और भी दोषी है तो उस पर भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी सारी जानकारी से अवगत करवा दिया है।