
Taxi operators' silver due to non-start of bus service
सरकार ने वाहन विक्रेता डीलरों को निजी वाहनों के बाद टैक्सी परमिट वाहनों के पंजीकरण का अधिकार भी दे दिया है। अब डीलर टैक्सी परमिट नए वाहन का पहली बार रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। वाहन मालिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस संदर्भ में परिवहन एवं सुरक्षा विभाग के आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार राज्य में अवस्थित वैध ट्रेड धारक वाहन डीलर की ओर से विक्रय किए गए एवं राज्य में ही पंजीकृत होने वाले पूर्ण निर्मित वाहनों को लिए अस्थायी पंजीयन प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी। आवेदक जिस जिला परिवहन कार्यालय के पंजीयन कोड में पंजीयन क्रमांक चाहता है, उस जिले के कोड का चुनाव कर पंजीयन प्रकिया पूरी करेगा।
परिवहन विभाग ने यह दिए निर्देश
पूर्ण रूप से निर्मित ऐसे गैर परिवहन वाहन, जिनका विक्रय एवं पंजीयन राजस्थान राज्य में ही होना है। अन्य राज्य से अस्थायी पंजीयन प्रमाण-पत्र (टीआरसी) प्राप्त पूर्ण रूप से वाहनों के पंजीयन के लिए संबंधित जिला परिवहन अधिकारी पंजीयन अधिकारी होगा। डीलरों को वाहनों के पंजीकरण से जुड़ी सभी शक्तियां देने से परिवहन विभाग में विवाद गहरा गया है। विभाग के फील्ड स्टाफ का मानना है कि इस व्यवस्था से विभाग की छवि को नुकसान होगा। डीलरों की गड़बड़ी का खमियाजा फील्ड अधिकारी भुगतेंगे। डीलरों पर कार्रवाई करने के संबंध में आरटीओ व डीटीओ के पास अधिकार नहीं है।
इनका कहना है...
सरकार ने अब निजी के साथ-साथ टैक्सी परमिट गाड़ियों के पंजीकरण का अधिकार अधिकृत डीलरों को दे दिया है। परिवहन विभाग के पास स्क्रूटनी व अप्रूवल का काम रह गया है। सरकारी आदेश जारी होते ही व्यवस्था को लागू कर दिया गया है।
- जुगल किशोर माथुर, अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी बीकानेर
इनका कहना है ...
सरकार की टैक्सी परमिट वाहनों के पंजीकरण संबंधी नई व्यवस्था परिवहन विभाग के लिए नुक़सानदायक है। डीलरों के लिए फायदेमंद है। नई व्यवस्था से वर्तमान में आमजन को फायदा है लेकिन भविष्य में परेशानी होगी। डीलरों की मनमर्जी चलेगी, जिससे आमजन परेशान होगा।
हनुमानप्रसाद शर्मा, सचिव बीकानेर सिटीज़न एसोसिएशन
Published on:
17 May 2022 07:00 pm
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