
Patrika Raksha Kawach : क्रिकेट का रोमांच हर भारतीय के दिल में बसा है, लेकिन जब यही रोमांच सट्टेबाजी का रूप ले लेता है, तो यह कई युवाओं की जिंदगी तबाह कर देता है। 22 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का आगाज हो चुका है। ऐसे में विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सट्टे का युवाओं के बीच रुझान लगातार बढ़ रहा है। जल्दी अमीर बनने की चाहत में युवा अपनी पॉकेटमनी के पैसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जमकर लगा रहे हैं। इससे युवा सिर्फ पैसे का नुकसान ही नहीं, बल्कि सट्टेबाजी के चपेट में भी आ रहे हैं। कई युवा तो इस दौरान कर्ज में भी जा रहे हैं।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फैंटेसी लीग के नाम पर कानूनी रूप से चलाए जा रहे हैं, जबकि टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। जहां युवा अपनी छोटी-छोटी बचत या कई बार घर से खर्च के लिए आए पैसे को दोगुना और अधिक बनाने के लिए लगाते हैं, और उनका पैसा डूब जाता है। कई युवा ज्यादा पैसे बनाने के चक्कर में कर्ज लेकर भी बड़ा पैसा लगा देते हैं।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या ऐप फैंटेसी लीग निकालते हैं, जिसमें 49 रुपए निवेश का ऑप्शन मिलता है और कहा जाता है कि जितने पर उन्हें 2 से 3 करोड़ मिलेंगे। इसमें सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोग पैसे लगाते हैं। इसमें हर एक टीम को शामिल होने के लिए 49 रुपए लगाए जाते हैं और लोगों को यह भरम हो जाता है कि 49 रुपए ही तो लगने हैं, जबकि जितने पर 2 से 3 करोड़ मिल सकते हैं, पर वह यह भूल जाते हैं कि जीता एक आदमी है और बाकी लोगों के पैसे डूब जाते हैं।
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ऐप ऐसे भी हैं जो शुरुआती में फ्री में फैंटेसी लीग में भाग लेने के मौके देते हैं। साथ ही अगर कोई ऐसा हो जो इन प्लेटफॉर्म पर पैसे लगा चुका हो और अगर उसे लगे कि इसमें पैसे डूब जाते हैं और इसके बाद वह पैसे लगाना छोड़ दे, तब ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उसे फ्री में भाग लेने का या कई ऑफर्स देते हैं ताकि वह इस जाल से बाहर न निकल सके।
मैं 2024 में आईपीएल के दौरान लगभग 13 हजार रुपए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फैंटेसी लीग में गंवा चुका हूं। मेरे घर से जो पैसा आता था, वह उसमें से कुछ पैसे मैं हर महीने बचा लेता था और वही पैसे मैंने आईपीएल मैचेस के दौरान लगाए थे।
सौरभ सिंह, एमबीए छात्र
मैं आईपीएल ही नहीं, अलग-अलग गेम्स में भी पैसे लगाता था और मैंने लगभग 20 हजार से ज्यादा रुपए गंवाए हैं। शुरुआत में लालच में लगाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी मुझे लत लग गई और कई बार तो मैंने लोगों से पैसे उधार लेकर भी लगाए।
कपूर मिश्रा, छात्र
Updated on:
28 Mar 2025 08:41 am
Published on:
28 Mar 2025 08:41 am
