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पंचायत चुनाव में ‘कमल’ पर भारी पड़ा ‘हाथ’

जयपुर। राजस्थान के चार जिलों के पंचायत चुनावों के नतीजे आ रहे है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी भाजपा पर भारी पड़ी है। कांग्रेस के 278 उम्मीदवार पंचायत समिति सदस्य चुने गए है तो भारतीय जनता पार्टी के 165 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।

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जयपुर

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Rahul Singh

Dec 21, 2021

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जयपुर। राजस्थान के चार जिलों के पंचायत चुनावों के नतीजे आ रहे है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी भाजपा पर भारी पड़ी है। कांग्रेस के 278 उम्मीदवार पंचायत समिति सदस्य चुने गए है तो भारतीय जनता पार्टी के 165 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चार जिलों की 30 पंचायत समिति के 568 सदस्यों के लिए मतदान हुआ था। इन चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार 278 सीटें, भाजपा 165 सीटें, निर्दलीय 97 सीटों, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 14 सीटों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार 13 सीटों पर चुनाव जीते है। पंचायत समितियों के साथ चार जिलों में जिला परिषद सदस्यों के लिए भी मतदान हुआ था। इसके भी नतीजे आए है। आयोग की वेबसाइट पर पर दी गई जानकारी के अनुसार चार जिला परिषदों में 106 सदस्यों के लिए मतदान हुआ था। इनमें से कांग्रेस 17 और भाजपा भी 17 सीटों पर जीती है। कोटा में भाजपा और श्रीगंगानगर में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिला है। उधर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायत समिति चुनावों को लेकर ट्वीट किया है कि चार जिलों के पंचायती राज चुनावों के नतीजे हमारे लिए उत्साहजनक हैं। तीस में से 20 से अधिक पंचायत समितियों में कांग्रेस अपना प्रधान बनाने जा रही है। उन्होंने लिखा कि यह जीत जनता के कांग्रेस पार्टी और सरकार के सुशासन में विश्वास की जीत है। उन्होंने इसके लिए सभी मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत धन्यवाद और बधाई दी है। गौरतलब है कि राजस्थान के चार जिलों बारां, कोटा, गंगानगर और करौली में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए तीन चरणों में वोट गिरे थे। इसमें कुल 2251 उम्मीदवारों ने अपना चुनावी भाग्य आजमाया था। इनमें से 1946 उम्मीदवार पंचायत समिति सदस्यों के लिए जबकि 305 उम्मीदवार जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनाव मैदान में थे। इनमें से 106 जिला परिषद सदस्यों में तीन और 568 पंचायत समिति सदस्यों में से छह सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया गया था।