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नकली मशीन, भ्रूण की लिंगजांच का झांसा और छूट जाते हैं सस्ते में

Rajasthan PCPNDT Act News: Rajasthan में PCPNDT Act के तहत होने वाली कार्रवाई में इस Year कमी आई है। इस वर्ष July अंत तक केवल 11 Decoy Operation करके 20 लोगों को Arrest किया गया है। जबकि Last Year की स्थिति देखें तो जुलाई अंत तक 23 Decoy Operation किए गए थे। इस वर्ष खास बात यह भी देखी गई कि भ्रूण की लिंगजांच करने वाले नकली Sonography Machine का उपयोग कर Women को गुमराह करते हैं और पकड़े जाने के बाद वे आसानी से छूट भी जाते हैं।

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beti bachao

PCPNDT Act News

जयपुर . प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट ( Rajasthan Pcpndt Act News ) के तहत होने वाली कार्रवाई में इस साल ( Year ) कमी आई है। इस वर्ष जुलाई अंत तक केवल 11 डिकॉय ऑपरेशन ( 11 decoy operation ) करके 20 लोगों को गिरफ्तार ( Arrest ) किया गया है। जबकि पिछले साल ( Last Year ) की स्थिति देखें तो जुलाई अंत तक 23 डिकॉय ऑपरेशन ( 23 Decoy Operation ) किए गए थे। इस वर्ष खास बात यह भी देखी गई कि भ्रूण की लिंगजांच करने वाले नकली सोनोग्राफी मशीनों ( sonography Machine ) का उपयोग कर महिलाओं ( Women ) को गुमराह करते हैं और पकड़े जाने के बाद वे आसानी से छूट भी जाते हैं।


डिकॉय ऑपरेशन में आने वाली कमी का मुख्य कारण पहले विधानसभा और बाद में लोकसभा चुनाव को भी माना जा रहा है। हाल ही स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने भी इसे गंभीर माना है और निर्देश दिए हैं कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत नियमित कार्रवाई हो। सोनोग्राफी मशीनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सोनोग्राफी केन्द्रों का भी नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। जहां भी कोई गड़बड़ी पाई जाए तो तुरंत कार्रवाई हो।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत होने वाली कार्रवाई में आई कमी
इस वर्ष जुलाई तक 11 कार्रवाई
गत वर्ष जुलाई तक 23 डिकॉय ऑपरेशन
डिकॉय ऑपरेशन में कमी का एक कारण लोकसभा चुनाव भी
स्वास्थ्य विभाग हुआ गंभीर, जारी किए कई निर्देश

मंत्री ने यह भी कहा है कि पड़ौसी राज्य के साथ मिलकर समन्वय बैठक आयोजित की जाए और जो परेशानियां आ रही है उन्हें तुरंत दूर किया जाए। पीसीपीएनडीटी एक्ट को प्रभावी बनाने के लिए हाल ही स्वास्थ्य भवन में राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक भी आयोजित की गई। यह भी तय किया गया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए तथा इसके लिए एक मोबाइल एप बनाया जाए ताकि उस पर भी लोग शिकायत दर्ज करा सकें।


महिला की कोख में पल रहे बच्चे की जांच पर रोकथाम के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इसकी रोकथाम के लिए कानून है पर कानून में कई तरह की शिथिलताएं होने के कारण इस अपराध को करने वाले लोगों के हौंसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। कई अपराधी तो ऐसे हैं जिन्हे पीसीपीएनडीटी के तहत पकड़ा गया और बाद में वे छूट गए। छूटने के बाद वे फिर से यही अपराध करने लगे और पकड़े गए। सबूत के साथ पकड़े गए लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी तभी अपराधियों पर शिकंजा कसेगा। स्वास्थ्य विभाग को पीसीपीएनडीटी के तहत दोषी को रंगे हाथों पकडऩे के लिए कानूनी सहायता भी लेनी पड़ती है।