24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान के पेट्रोल पंपों पर ‘बेमियादी हड़ताल’ का काउंटडाउन, इधर HPCL और BPCL का आया जवाब, जानें लेटेस्ट अपडेट?

राजस्थान में 1 जून से पेट्रोल पंपों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी के बीच HPCL और BPCL का बड़ा बयान। तेल कंपनियों ने कहा- ईंधन की कोई कमी नहीं, आपूर्ति रहेगी सामान्य।
5 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Nakul Devarshi

•

Updated: 29 May 2026, 3:02 PM IST

Petrol Pump Strike in Rajasthan Latest Update

Petrol Pump Strike Update

राजस्थान में आगामी 1 जून से पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर आम जनता, किसानों और परिवहन क्षेत्र के बीच बनी असमंजस की स्थिति है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीए) द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिए गए हड़ताल के अल्टीमेटम का 'काउंटडाउन' जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी इस पर अपनी दलीलें और प्रतिक्रियाएं देना तेज कर दिया है। इसी कड़ी में अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने एक विस्तृत बयान जारी कर ईंधन की किल्लत और प्रशासनिक पाबंदियों से जुड़े तमाम दावों का पूरी तरह से खंडन किया है। इससे पहले कल गुरुवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी राजस्थान में ईंधन की रिकॉर्ड बिक्री के आंकड़े जारी कर यह साफ करने का प्रयास किया था कि राज्य में ईंधन की मांग और आपूर्ति का चक्र पूरी तरह से सामान्य है।

तेल कंपनियों और डीलर्स एसोसिएशन के बीच बढ़े इस टकराव ने अब राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है, जिसके बाद सरकार के आला अधिकारी दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं ताकि 1 जून को आम उपभोक्ताओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

HPCL का बयान : राजस्थान में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा 1 जून 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी और पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव को बकायदा टैग करते हुए अपनी रिपोर्ट साझा की है।

एचपीसीएल ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में साफ तौर पर लिखा, "राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन द्वारा उठाई गई मांगों और 1 जून 2026 से प्रस्तावित हड़ताल के आह्वान के संबंध में एचपीसीएल यह स्पष्ट करना चाहता है कि पूरे राजस्थान में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य और निर्बाध बनी हुई है। वर्तमान में किसी भी ऑयल मार्केटिंग कंपनी की तरफ से आपूर्ति में कोई कमी या बाधा नहीं है। डीलर्स को उनकी मांग और बाजार की मौजूदा आवश्यकताओं के अनुसार पेट्रोल (MS) और डीजल (HSD) की पर्याप्त आपूर्ति निरंतर प्रदान की जा रही है।"

'किसानों को ड्रम में डीजल न देने के आरोप भ्रामक'

बता दें कि राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने तेल कंपनियों पर आरोप लगाया था कि ओएमसी द्वारा डीलरों पर जबरन ब्रांडेड ईंधन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है और साथ ही मानसून व बुवाई के चालू कृषि सीजन के दौरान किसानों को ड्रमों में डीजल देने पर पाबंदी लगाई गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट में आ सकती है। इन गंभीर आरोपों पर एचपीसीएल ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति साफ की है।

कंपनी ने अपने जवाब में कहा, "जबरन ब्रांडेड ईंधन की डिलीवरी करने और किसानों को ड्रमों में ईंधन की आपूर्ति रोकने से संबंधित किए जा रहे सभी दावे पूरी तरह से गलत, मनगढ़ंत और भ्रामक हैं। स्थानीय प्रशासन और लागू सुरक्षा दिशानिर्देशों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित करके ईंधन की आपूर्ति को बनाए रखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक उपभोक्ताओं, विशेष रूप से चालू कृषि सीजन के दौरान हमारे किसान भाइयों को किसी भी समय ईंधन की अनुपलब्धता का सामना न करना पड़े। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अफवाहों या सट्टा रिपोर्टों पर भरोसा न करें।"

'राजस्थान सरकार को लगातार भेजा जा रहा डेटा'

तेल कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान की राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और कानून व्यवस्था तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके लिए बकायदा स्टेट लेवल कॉर्पोरेटर (SLC) मैकेनिज्म का उपयोग किया जा रहा है, जिससे वास्तविक स्थिति की पारदर्शी रिपोर्टिंग हो सके।

एचपीसीएल के मुताबिक, "डीलर-वार बिक्री, जिलों की कुल स्टॉक स्थिति और डिपो (टर्मिनल) स्टॉक विवरण को स्टेट लेवल कॉर्पोरेटर तंत्र के माध्यम से नियमित रूप से राजस्थान सरकार के साथ साझा किया जा रहा है। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पिछले सप्ताह ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही थी, जिसमें तेल विपणन कंपनियों ने यह पूरी तरह साफ कर दिया था कि राज्य भर में आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। इस प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में प्रमुख सचिव, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई है, और सभी ओएमसी राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं।"

BPCL ने जारी किए 'रिकॉर्ड' आंकड़े

एचपीसीएल से पहले कल गुरुवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी राजस्थान के संदर्भ में अपने आधिकारिक आंकड़े जारी कर डीलर्स के दावों को चुनौती दी थी। बीपीसीएल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कंपनी नियमित प्रेषण और बिना किसी रुकावट के ईंधन की निरंतर पुनःपूर्ति (Replenishment) के माध्यम से राजस्थान भर में स्थिर ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और धरातल पर काम कर रही है।

बीपीसीएल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 से 25 मई 2026 के बीच राजस्थान में रिकॉर्ड स्तर पर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई है। इस 25 दिनों की छोटी अवधि में प्रदेश के भीतर 61,000 मीट्रिक टन से अधिक पेट्रोल (MS) की बिक्री हुई है, जबकि डीजल (HSD) की बिक्री का आंकड़ा 1,29,000 मीट्रिक टन से भी ऊपर दर्ज किया गया है। तेल कंपनियों का मानना है कि यह अभूतपूर्व बिक्री राज्य में ईंधन की सामान्य उपलब्धता को प्रमाणित करती है।

पेट्रोल-डीजल की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज

बीपीसीएल द्वारा प्रस्तुत किए गए तुलनात्मक आंकड़ों ने इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले वर्ष की इसी समान अवधि (1 से 25 मई) की तुलना में इस वर्ष राजस्थान में पेट्रोल की बिक्री में 22% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं दूसरी ओर, डीजल की बिक्री में भी पिछले साल के मुकाबले 26% की भारी ग्रोथ दर्ज की गई है।

तेल कंपनियों का तर्क है कि बिक्री में दर्ज की गई यह दो अंकों की भारी वृद्धि स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि राज्य भर में ईंधन की मांग बेहद मजबूत है और तेल डिपो से पेट्रोल पंपों तक ईंधन का मूवमेंट सामान्य रूप से चालू है। कंपनियों का कहना है कि यदि कहीं कोई स्थानीय समस्या है, तो वह केवल कुछ व्यक्तिगत पंप ऑपरेटरों की आंतरिक कार्यप्रणाली के कारण हो सकती है, जिसे पूरी सप्लाई चेन की विफलता के रूप में प्रस्तुत करना न्यायसंगत नहीं है।

वैट कटौती और बकाया भुगतानों पर अड़ा डीलर्स एसोसिएशन

एक तरफ जहां तेल कंपनियां अपनी दलीलें दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन अपनी मांगों पर पूरी तरह से अड़ा हुआ है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी का कहना है कि राजस्थान में पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब और हरियाणा की तुलना में वैट की दरें बहुत अधिक हैं, जिसके कारण सीमावर्ती जिलों के उपभोक्ता पड़ोसी राज्यों से तेल भरवा रहे हैं और राजस्थान के पंप आर्थिक नुकसान के कारण लगातार बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं।

एसोसिएशन की मुख्य मांगों में पेट्रोल और डीजल पर वैट की दरों में कम से कम 5% की कटौती करना, सीएनजी की कीमतों में असमानता को दूर करना और सरकारी रैलियों व प्रधानमंत्री के दौरों के दौरान क्रेडिट पर लिए गए ईंधन के लाखों रुपए के पुराने बकाया का भुगतान तुरंत करना शामिल है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग