
सफेद शर्ट में हाथ जोड़े हुए हिस्ट्रीशीटर राजेश जोया। फोटो- पत्रिका
जयपुर। सीकर में नीट अभ्यर्थी प्रदीप माहिच की आत्महत्या का मामला अब सियासी विवाद का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। छात्र के परिवार की दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई मुलाकात के बाद भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान सीकर कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर राजेश जोया भी मौजूद था। इस दावे के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
यह वीडियो भी देखें
बता दें कि झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र की कनिका की ढाणी निवासी प्रदीप माहिच सीकर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने, लगातार पढ़ाई के दबाव और आर्थिक परेशानियों के कारण वह मानसिक तनाव में था। 15 मई को उसने किराए के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि बेटे की पढ़ाई के लिए जमीन तक बेचनी पड़ी और लाखों रुपए का कर्ज लेना पड़ा था।
बुधवार को प्रदीप के परिजन नई दिल्ली पहुंचे, जहां एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ उन्हें राहुल गांधी से मिलाने ले गए। राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात कर दुख जताया और कहा कि प्रदीप की मौत केवल आत्महत्या नहीं बल्कि भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसी घटनाओं का नतीजा है। मुलाकात के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि बैठक में हिस्ट्रीशीटर राजेश जोया भी मौजूद था और वह करीब आधे घंटे तक राहुल गांधी के पास बैठा रहा। भाजपा ने इसे सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक बताया है।
मालवीय के अनुसार राजेश जोया पर हत्या, मारपीट, धमकी, राजकार्य में बाधा और गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के नाम पर धमकी देने जैसे करीब 14 मामले दर्ज हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या परिवार पर दबाव बनाने के लिए ऐसे लोगों को साथ लाया गया था या फिर राहुल गांधी की राजनीति का मॉडल ही ऐसे आपराधिक तत्वों के सहारे चलता है। कांग्रेस के शीर्ष नेता यदि आधे घंटे तक एक हिस्ट्रीशीटर के साथ बैठते हैं, तो उसका सच भी देश के सामने आना चाहिए।
हालांकि अब इस पूरे मामले पर एनएसयूआई की तरफ से सफाई भी सामने आई है। एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि राहुल गांधी से मिलने वाले पांच लोगों के नाम खुद प्रदीप के पिता ने तय किए थे। परिवार ने राजेश जोया को प्रदीप का मामा बताया था। जाखड़ का कहना है कि उनकी जानकारी के मुताबिक राजेश जोया कोई अपराधी नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ है। आंदोलनों के दौरान दर्ज मामलों के आधार पर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी और उसका किसी गैंगस्टर से कोई संबंध नहीं है।
Updated on:
29 May 2026 03:58 pm
Published on:
29 May 2026 02:47 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
