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डिजिटल मोड में काम करने वाली देश की पहली संस्था बनी राजस्थान फार्मेसी काउंसिल!

फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रमाण पत्र की प्रक्रिया हुई पेपरलैस

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RMSCL took initiative to overcome the shortage of medicines

RMSCL took initiative to overcome the shortage of medicines

जयपुर
राजस्थान फार्मेसीकाउंसिल देश की पहली डिजिटल फार्मेसी काउंसिल बन गई है। काउंसिल की कवायद के चलते अब फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रमाण पत्र के लिए कागजी कार्रवाई नहीं करनी होगी।

साथ ही प्रमाण पत्र से लेकर अन्य कामकाज के लिए काउंसिल के चक्कर भी फार्मासिस्ट को नहीं काटने होंगे। वह कहीं से भी एक क्लिक पर काउंसिल से जुड़े काम को पूरा कर सकेंगे। वहीं ऐप्प के माध्यम से देश विदेश के किसी भी स्थान पर बैठकर अपना प्रमाण पत्र तक डाउनलोड कर सकेंगे।
पहले लगाते रहते थे चक्कर
इस माह फार्मेसी काउंसिल ने यह नई कवायद शुरू की है। जिसके चलते रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लाई करने वाले फार्मा प्रोफेशनल्स को काउंसिल के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इससे पहले बी फार्मा व डी फार्मा करने के बाद स्टूडेंटस रजिस्ट्रेशन के लिए अपने दस्तावेजों का प्रिंट व ऑरिजनल लेकर काउंसिल में जाकर आवेदन करते थे। इसके बाद अपना प्रमाण पत्र लेने जाते थे।

लेकिन अब डिजिटल प्रक्रिया अपनाने के बाद ऐप्प के जरिए ही डॉक्यूमेंट जमा करवा कर डिजिटल प्रमाण पत्र ही कही से भी ले सकते है।

पहले प्रक्रिया जटिल होने के कारण आवेदकों को महीनों तक इंतजार करना होता था। लेकिन अब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस आसान हो गई है। इससे फार्मेसी काउंसिल को भी फायदा हुआ है। वह भी आवेदकों के दस्तावेजों का वैरिफिकेशन संबंधित बोर्ड,विश्वविद्यालय या फिर संस्था से ऑनलाइन ही करवा लेंगें। जिससे फर्जीवाड़ा रोकने में भी आसानी मिलेगी। सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।

काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. ईश मुंजाल ने बताया की काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए पहले विज्ञप्ति जारी कर और निश्चित समय जारी कर आवेदन लिए जाते थे। लेकिन अब पेपर लैस मोड़ पर काम करने के लिए और ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने के लिए फार्मासिस्ट काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने देश की सभी राज्य काउंसिल को निर्देश दिए थे। जिसके बाद राजस्थान फार्मासिस्ट काउंसिल काम पूर्णतया डिजिटल हो गया है।