4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में शारीरिक शिक्षक भर्ती में एसओजी ने पकड़ी बड़ी धांधली, 21 PTI ने लगाई थी फर्जी डिग्री, FIR दर्ज

PTI Recruitment : राजस्थान में फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी पाने का मामला रुक नहीं रहा है। अभी एसओजी ने एक और मामला पकड़ा। शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री लगाकर सरकारी पीटीआइ बनने वाले 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

2 min read
Google source verification
Rajasthan Physical Teacher Recruitment SOG caught Big Scam 21 PTIs had Submitted Fake Degrees filed FIR

फाइल फोटो पत्रिका

PTI Recruitment : राजस्थान में गत कांग्रेस सरकार के समय भर्ती प्रतियोगी परीक्षाओं में जमकर पेपर लीक, डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले और फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी पा लेने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री लगाकर सरकारी पीटीआइ बनने वाले 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

फर्जी डिग्री लगाकर पाई नौकरी

एटीएस-एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़े के दर्ज प्रकरण में अनुसंधान के दौरान शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2022 में आवेदन व चयनित अभ्यर्थियों के राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर से प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया। अनुसंधान में 21 चयनित अभ्यर्थियों की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी में लग जाने का पता चला है।

पांच साल की डिग्रियों की जांच

एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि सभी आरोपी अभ्यर्थियों ने उपरोक्त भर्ती परीक्षा में चयन के बाद स्नातक की अंकतालिकाएं (उत्तीर्ण वर्ष 2016, 2017, 2018, 2019, 2020) अरनी विश्व विद्यालय हिमाचल प्रदेश व बीपीएड कोर्सेज की अंकतालिका जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद उत्तर प्रदेश की पेश की थी। यह तथ्य सामने आने के बाद अरनी विश्व विद्यालय से प्रदेश से बीए (उत्तीर्ण वर्ष 2016, 2017, 2018, 2019, 2020) के छात्रों की सूची प्राप्त की गई।

यह भी पढ़ें :SI Paper Leak Case Update : राजस्थान में एक और प्रोबेशनर थानेदार गिरफ्तार, एसओजी ने अब तक 103 आरोपी पकड़े

फर्जी डिग्री से पीटीआइ की प्राप्त की नौकरी

एडीजी वी.के. सिंह ने आगे बताया कि उक्त सूची में उपरोक्त नामजद आरोपियों में से किसी का नाम भी शामिल नहीं था। सभी आरोपी अभ्यर्थियों ने बीपीएड कोर्सेज की अंकतालिका जेएस विश्वविद्यालय की प्रस्तुत की थी, जिनमें आवेदन फार्म एवं चयन होने के बाद प्रस्तुत की गई अंकतालिकाओं में भिन्नता मिली। इससे स्पष्ट है कि सभी अभ्यर्थियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर स्नातक की कुटरचित फर्जी डिग्रियां व अंकतालिकाएं एवं जेएस विश्वविद्यालय प्रशासन व प्रबंधन से मिलकर बीपीएड कोर्स की बैक डेट में फर्जी डिग्रियां व अंकतालिकाएं प्राप्त कर ली। फर्जी डिग्री से पीटीआइ की नौकरी प्राप्त कर ली।

इनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला

रतनगढ़ के नरेन्द्र सिंह, बयाना के स्थित कपूरा मालूका निवासी विरेन्द्र सिंह व हेम सिंह, सवाईमाधोपुर के श्यामोली निवासी हनुमान गुर्जर, नागौर के भाकरोदा निवासी नारायण भाकल और महेन्द्र, टोडाभीम स्थित तिघरिया निवासी निरंजन सिंह, डीग के डबोक निवासी बलवीर सिंह, महुआ स्थित खेडला बुर्ज निवासी विरेन्द्र सिंह, खावड़ा निवासी राजन सिंह, झुंझुनूं के मेहरादासी निवासी बुलकेश कुमारी व सुरेन्द्र कुमार, जयपुर के जमवारामगढ़ के कोल्याणा निवासी कुसुमलता गुर्जर, भोजपुरा निवासी दुर्गेश कसाना, शाहपुरा स्थित लुबड़ावास निवासी महेश कुमार गुर्जर, करौली के सीतापुर निवासी दीपक गुर्जर, बुगदार स्थित चौधरीपुरा निवासी रामलखन मीना, गुडला निवासी नीरज जाटव, सांचौर निवासी कमला कुमारी, झुंझुनूं के नानवास निवासी कृष्ण कुमार, भरतपुर के वैर स्थित झालाटाला निवासी प्रशांत गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया।

यह भी पढ़ें : SI Paper Leak : एसओजी की पूछताछ में बड़ा खुलासा, परीक्षा में कैसे हुआ था सौदा? जानकर रह जाएंगे दंग