
10 जांबाज महिला पुलिसकर्मियों की कहानी: फोटो पत्रिका नेटवर्क
जयपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर राजस्थान पुलिस की मातृ शक्ति का अद्भुत स्वरूप सामने आया है, जहां 10 महिला पुलिसकर्मियों ने अपने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता से समाज में मिसाल कायम की है। कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ इन महिलाओं ने मानवता, सेवा और बहादुरी का ऐसा परिचय दिया, जो हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पुलिस की इन महिला शक्ति का सम्मान कर चुके।
इन महिला पुलिसकर्मियों ने यह दिखाया कि कठिन से कठिन हालात में भी ड्यूटी सर्वोपरि होती है। चाहे दिन हो या रात, चुनौती कैसी भी हो; इनका समर्पण अडिग रहा। जहां एक ओर इन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई। यही संतुलन इन्हें खास बनाता है।
आज ये महिला कर्मी केवल पुलिस विभाग के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। खासकर युवतियों के लिए ये संदेश है कि मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
अलवर में महिला अपराध अनुसंधान इकाई की पुलिस उप अधीक्षक डॉ. पूनम ने पॉक्सो एक्ट के तहत त्वरित अनुसंधान कर कई वर्षों से डरा-धमका कर शोषण करने वाले अपराधियों को जेल भेजा। उन्होंने वर्ष 2024 के दौरान 13 इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
जयपुर आयुक्तालय के नारायण विहार की थानाधिकारी गुंजन वर्मा ने उत्कृष्ट पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया। उन्होंने एक विदेशी महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में मात्र 2 दिन में चार्जशीट पेश कर अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया।
राजसमंद जिले की उपनिरीक्षक सोनाली शर्मा (डीएसटी प्रभारी) ने हत्या और लूट जैसे गंभीर मामलों का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक अपहृत नवजात बच्चे को सकुशल बरामद कर परिवार को खुशियां लौटाईं और कई इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
जयपुर आरएसी की महिला हेड कांस्टेबल गायत्री देवी ने न केवल खाकी का मान बढ़ाया, बल्कि खेलों में भी राज्य को गौरान्वित किया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक कुल 9 गोल्ड, 7 सिल्वर और 1 ब्रोंज मेडल जीतकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया है।
जयपुर की महिला कांस्टेबल सरोज चौधरी ने महिला गरिमा सेल (1090) में तैनात रहकर 4735 शिकायतों में से 4581 का निस्तारण किया। अश्लील फोन कॉल और छेड़छाड़ से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
बांसवाड़ा जिले के कोतवाली थाने की कांस्टेबल गंगा डामोर ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब उन्हें सूचना मिली कि एक महिला कागदी बड़ी नहर के तेज बहाव में बह रही है, तो गंगा ने बिना वक्त गंवाए उफनती नहर में छलांग लगा दी और डूब रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जयपुर पश्चिम के झोटवाड़ा थाने की महिला कांस्टेबल मेनका कुमारी ने तब अपनी वीरता दिखाई जब पंजाब नेशनल बैंक में फायरिंग कर लूट की कोशिश की गई। उन्होंने गोलीबारी के बीच अपराधियों को मौके पर ही दबोच लिया, जिससे बैंक कर्मचारी की जान बचाने और लूट को विफल करने में सफलता मिली।
सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाने की महिला कांस्टेबल विमला ने अपनी पैनी नजर से एक बड़ी लूट का खुलासा किया। रास्ते में संदिग्ध हालत में भाग रहे दो युवकों को देखकर उन्होंने तुरंत थाने पर सूचना दी, जिससे करीब 10.69 लाख रुपए की लूट की राशि बरामद हुई।
जयपुर आयुक्तालय के मालपुरा गेट थाने की महिला कांस्टेबल धोली बाई ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। उन्होंने 150-200 लोगों की उग्र भीड़ के बीच से एक विक्षिप्त महिला को सुरक्षित निकाला और उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
जयपुर आयुक्तालय की कांस्टेबल रितु राठौर ने अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग और वॉलीबॉल कलस्टर (2023-24) में स्वर्ण पदक जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया। उनकी यह उपलब्धि महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Published on:
20 Mar 2026 08:16 pm
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