
इस एसएचओ ने ऐसा क्या काम किया, डीजीपी और कमिश्नर ने थपथपाई पीठ
जयपुर. राजस्थान पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग और जोधपुर कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने जोधपुर कमिश्नरेट के बासनी थाना प्रभारी संजय बोथरा की पीठ थपथपाई है। एसएचओ संजय बोथरा ने ऐसा काम किया, जो डीजीपी को भी नामुमकिन लग रहा था। उस काम को 39 दिन में कर दिया। मामला बासनी थाने से ही जुड़ा है।
डीजीपी ने तो पीठथपथपाते हुए कहा कि जब वे पहली बार थाने में पहुंचे थे, तब वहां पर एसएचओ संजय बोथरा के पास कमान थी। तीसरी बार पहुंचे तब भी एसएचओ बोथरा के पास कमान थी। लेकिन 39 दिन में थाने की जो कायापलट हुई, वह तारीफ के काबिल है। कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशन में थानाधिकारी ने डीजीपी के मनमुताबिक पुलिस कार्यप्रणाली और व्यवस्थाएं करवाईं। हालांकि अब यह देखना है कि यह कायापलट स्थायी रहती है या फिर कुछ माह बाद पुराने ढर्रे पर आ जाती है। हालांकि एसएचओ को भी विशेष सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि डीजीपी कपिल गर्ग का 21 जनवरी 2019 को जोधपुर जाना हुआ तो पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ को साथ लेकर निरीक्षण करते हुए अचानक बासनी थाने पहुंचे। वहां की हालत देखकर काफी निराशा हुई। गंदगी फैली हुई थी। मालखाना, गश्त, समन तामील, ड्यूटी, नाकाबंदी सहित ज्यादातर काम की स्थिति अच्छी नहीं थी।
फिर यह हुआ बदलाव
- 25 फरवरी 2019 : दोबारा थाने पहुंचा तो परिसर चमक रहा था मगर कार्यप्रणाली खास नहीं बदली थी। इस पर समझाया कि बदलाव कैसे लाएं।
- 08 मार्च 2019 : इस दिन बासनी थाने पहुंचा तो देखकर हतप्रभ रह गया। पूरा स्टाफ वही था लेकिन हर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त। कांस्टेबलों को अपने क्षेत्र की बीट से की सम्पूर्ण जानकारी थी। मालखाने के मामले में निस्तारण की स्थिति यह है कि जब्त माल एक-डेढ़ माह में कोर्ट की अनुमति से नीलाम कराया जा सकेगा। समन तामील से लौटकर पुलिसकर्मी पूरी जानकारी लिखते हैं। गश्त रजिस्टर में पूरा इन्द्राज होता है।
Published on:
11 Apr 2019 08:43 pm
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