
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। गहलोत ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और संवैधानिक संस्थाओं का गला घोटा जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें भारी समर्थन दिया, लेकिन उन्होंने 'स्टेट्समैनशिप' दिखाने के बजाय 'विपक्ष मुक्त भारत' बनाने की राजनीति को प्राथमिकता दी।
अशोक गहलोत ने भाजपा और आरएसएस के 'हिंदू खतरे में है' वाले नारे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तार्किक सवाल उठाते हुए कहा, "मुगलों ने 500 साल राज किया और अंग्रेजों ने 250 साल, तब हिंदू खतरे में नहीं आया। अब जब देश में हिंदुओं का ही राज है, तब हिंदू खतरे में कैसे हो गया?'
गहलोत ने कहा कि यह केवल जनता को गुमराह करने और भयंकर भ्रम फैलाने का काम हो रहा है, जिससे अंततः देश को भारी नुकसान हो सकता है।
आगामी केरल विधानसभा चुनाव पर चर्चा करते हुए गहलोत ने केरल की साक्षरता की तारीफ की और राजस्थान के लिए अपना सपना साझा किया। उन्होंने कहा कि केरल में घर-घर शिक्षा है। मेरा सपना है कि राजस्थान में भी ऐसा ही माहौल बने। बिना तालीम के जीवन अधूरा है।
वहीं उन्होंने मलाल जताते हुए कहा कि राजस्थान का भीलवाड़ा मॉडल कोरोना काल में दुनिया भर में मशहूर हुआ, लेकिन चुनाव में ऐसी बातें हमेशा असर नहीं डालतीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार केरल में UDF (कांग्रेस गठबंधन) की सरकार बनेगी।
ममता बनर्जी द्वारा जान के खतरे की बात और मुख्यमंत्रियों की जेल यात्रा पर गहलोत ने केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में अब ED, Income Tax और CBI का राज चल रहा है। न्यायपालिका पर भी दबाव की बातें हो रही हैं। गहलोत के अनुसार, "देश के अंदर लोकतंत्र कहाँ रह गया है? अब तो बस हिंदू राष्ट्र घोषित होना ही बाकी रह गया है, बाकी जहर तो फैलाया जा चुका है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नौजवानों और छात्रों से अपील की कि वे केवल डिग्री और नौकरी की प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रहें।उन्होंने कहा कि छात्रों को स्टडी करनी चाहिए कि देश में क्या हो रहा है। कौन सी विचारधारा देशहित में है और कौन सी समाज हित में।"
गहलोत ने अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जताते हुए कहा कि एक तरफ तमाशे हो रहे हैं और दूसरी तरफ लोगों को दो जून का खाना नसीब नहीं हो रहा।
गहलोत ने स्वीकार किया कि भाजपा के पास संसाधन और पैसा बहुत है, लेकिन कांग्रेस की लड़ाई विचारधारा के आधार पर है। उन्होंने कहा कि जनता और नई पीढ़ी को समझना होगा कि सत्य किसके पक्ष में है।
Published on:
30 Mar 2026 03:18 pm
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