
राजस्थान उप निरीक्षक पेपर लीक मामले में एसओजी ने शनिवार को बड़ा एक्शन करते हुए राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) से पांच थानेदारों को हिरासत में लिया। इन पांचों थानेदारों को शनिवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 7 सितंबर तक एसओजी की रिमांड पर भेज दिया गया। गिरफ्तार में आए थानेदारों में शोभा रायका, मंजू देवी, देवेश रायका, अविनाश व बिजेन्द्र हैं।
पेपर लीक मामले में एसओजी अब तक कुल 42 थानेदार गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 39 ऐसे हैं जो जाॅइनिंग के बाद आरपीए और किशनगढ़ पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और जोधपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे थे। जबकि तीन ऐसे हैं जो चयनित तो हुए थे, लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया था।
पेपर लीक मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 42 थानेदारों में छह अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा में टॉप 10 में जगह बनाई थी। इनमें पहली रैंक पर आने वाले नरेश कुमार, तीसरी रेंक प्राप्त सुरेन्द्र कुमार बगड़िया, पांचवें नंबर पर रही शोभा रायका, छठी रैंक के दिनेश बिश्नोई, आठवीं रेंक के अभिषेक बिश्नोई और दसवीं रैंक हासिल करने वाले मालाराम है।
पेपर लीक मामले में एसओजी जांच आखिरकार आरपीएससी तक पहुंच गई है। एसओजी की गिरफ्त में थानेदारों में दो थानेदार आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य रामूराम रायका के बेटा व बेटी है। दोनों ने पिता के आरपीएससी में सदस्य रहने के दौरान ही लिखित परीक्षा दी थी। आरोप है कि परीक्षा से पहले उन्हें पेपर में आने वाले सवालों की जानकारी थी। इस परीक्षा के परिणाम में बेटी शोभा की पांचवीं तथा बेटे देवेश की चालीसवीं रैंक बनी थी।
रामरामूराम रायका आरपीएससी में चार जुलाई 2018 को सदस्य बनाए गए थे। उनका कार्यकाल तीन जुलाई 2022 तक रहा। उपनिरीक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा दिसंबर 2021 में हुई थी, जिसमें रायका का बेटा व बेटी भी बैठे थे। इनके साक्षात्कार रायका के कार्यकाल के बाद वर्ष 2023 में हुए थे।
एसओजी ने उप निरीक्षक पेपर लीक मामले में आधा दर्जन गैंग के 26 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। सुरेश ढाका को छोड़ अन्य सभी गैंग के आका जेल में हैं। इनमें जगदीश बिश्नोई, पोरव कालेर, अशोक नाथावत, भूपेन्द्र सारण, शेर सिंह मीना, गमाराम व अन्य शामिल हैं। इनके अलावा मामले में 42 थानेदार गिरफ्तार किए गए हैं।
Published on:
01 Sept 2024 03:51 pm
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