
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Rajasthan News: लॉरेंस बिश्नोई के राइट हैंड और गैंग के कुख्यात सदस्य जगदीप सिंह उर्फ जग्गा को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान पुलिस ने यह कार्रवाई पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की सूचना और इंटरपोल के सहयोग से की। तीन साल से फरार चल रहा जग्गा विदेश से गैंग की गतिविधियां संचालित कर रहा था।
उसके खिलाफ राजस्थान और पंजाब में कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, फिरौती और रंगदारी जैसे आरोप शामिल हैं। अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रही है।
बता दें, जग्गा लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी माना जाता है और गैंग के प्रमुख सदस्य रोहित गोदारा के लिए काम करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह तीन साल पहले भारत से दुबई भाग गया था। दुबई से अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचकर वहां से गिरोह की कमान संभाल रहा था। विदेश में रहते हुए भी वह भारत में सक्रिय गैंगस्टरों से लगातार संपर्क में था।
बताया जा रहा है कि फंडिंग जुटाना, हथियारों की सप्लाई और सोशल मीडिया पर धमकी भरे संदेश भेजना उसके प्रमुख काम थे। एजीटीएफ ने उसकी लोकेशन और नेटवर्क की जानकारी अमेरिकी एजेंसियों व इंटरपोल को साझा की, जिसके आधार पर स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जग्गा के खिलाफ जोधपुर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी हो चुका था। वह पंजाब के धुरकोट का रहने वाला है और उसे न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। पंजाब में उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि राजस्थान में जोधपुर के प्रताप नगर और सरदारपुरा थाने में प्रकरण चल रहे हैं। इनमें से कई मामलों में वह मुख्य आरोपी है।
जग्गा का नाम जोधपुर के चर्चित वासुदेव इसरानी हत्याकांड से भी जुड़ा हुआ है। सितंबर 2017 में सरदारपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या में वह लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के साथ जेल में बंद रहा था। जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और दुबई पहुंचकर फिर से गैंग की गतिविधियां शुरू कर दीं।
इससे पहले मार्च 2017 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में डॉ. सुनील चंदक पर फायरिंग और जान से मारने की धमकी देने के मामले में भी वह शामिल था। ये घटनाएं राजस्थान में गैंग के आतंक का प्रमाण हैं।
एजीटीएफ और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब जग्गा को मदद करने वालों की तलाश में जुटी हैं। इनमें आर्थिक सहायता देने वाले और तकनीकी मदद मुहैया कराने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे। फिलहाल जग्गा अमेरिकी पुलिस की हिरासत में है। भारत सरकार अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क में है और प्रत्यर्पण प्रक्रिया जल्द शुरू करने की तैयारी कर रही है।
प्रत्यर्पण के बाद एजीटीएफ को जग्गा से अन्य गैंग सदस्यों की जानकारी मिलने की संभावना है। इस आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत नए मामले दर्ज किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Updated on:
28 Oct 2025 02:38 pm
Published on:
28 Oct 2025 02:38 pm
