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सियासी उबाल के बीच गहलोत को मिला आलाकमान का बड़ा संदेश

प्रदेश में आया सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा ? यह सवाल अब भी सवाल बना हुआ है। आलाकमान क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी लोगों की नजरें हैं। लेकिन इतना समय गुजर जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं होने से आलाकमान पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वो इस पूरे मसले पर चुप क्यों है ?

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जयपुर

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Umesh Sharma

Oct 11, 2022

सियासी उबाल के बीच गहलोत को मिला आलाकमान का बड़ा संदेश

सियासी उबाल के बीच गहलोत को मिला आलाकमान का बड़ा संदेश

जयपुर।

प्रदेश में आया सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा ? यह सवाल अब भी सवाल बना हुआ है। आलाकमान क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी लोगों की नजरें हैं। लेकिन इतना समय गुजर जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं होने से आलाकमान पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वो इस पूरे मसले पर चुप क्यों है ? इसी बीच आलाकमान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बड़ा संदेश दिया है। इस संदेश से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पसोपेश में पड़े हैं।

दरअसल, सैफई में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में भूपेश बघेल और कमलनाथ को भेजा गया है। जब पार्टी प्रतिनिधि के रूप में बघेल का नाम सामने आया तो सीएम अशोक गहलोत भी मंत्री राजेंद्र यादव, पूर्व सांसद करण सिंह यादव और विधायक संदीप यादव के साथ मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रवाना हुए और उन्हें श्रद्धाजलि अर्पित की।

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राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब तक गांधी परिवार के साथ हर मोर्चे पर आगे रहने वाले गहलोत को इस बार कांग्रेस का अधिकृत प्रतिनिधि नहीं बनाया गया। माना जा रहा है कि गांधी परिवार राजस्थान में हुए घटनाक्रम के बाद गहलोत से अब तक नाराज है। वो उसे भुला नहीं पा रहा है। यही कारण है कि गहलोत की जगह बघेल और कमलनाथ को प्रतिनिधि बनाकर मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में पार्टी प्रतिनिधि के रूप में भेजा गया।