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राजस्थान के सियासी तूफान के बीच रमेश मीणा का ट्वीट क्या इशारा कर रहा है ?

राजस्थान का सियासी तूफान अब तक बरकरार है। आलाकमान ने राजस्थान के सीएम को लेकर कोई निर्णय नहीं किया है। उधर नौकरशाही में भारी फेरबदल, इन्वेस्ट राजस्थान समिट सहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सक्रियता कुछ और ही इशारा कर रही है।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Oct 08, 2022

राजस्थान के सियासी तूफान के बीच रमेश मीणा का ट्वीट क्या इशारा कर रहा है ?

राजस्थान के सियासी तूफान के बीच रमेश मीणा का ट्वीट क्या इशारा कर रहा है ?

राजस्थान का सियासी तूफान अब तक बरकरार है। आलाकमान ने राजस्थान के सीएम को लेकर कोई निर्णय नहीं किया है। उधर नौकरशाही में भारी फेरबदल, इन्वेस्ट राजस्थान समिट सहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सक्रियता कुछ और ही इशारा कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया सभी नेताओं के लिए अभिव्यक्ति का बड़ा माध्यम बनता नजर आ रहा है। नेता अपने मन की बात इशारों-इशारों में अपनी बात कह रहे हैं। अब पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा का ट्वीट चर्चा का विषय बना हुआ है। इस ट्वीट के जरिए मीणा किस गुट की तरफ इशारा कर रहे हैं, यह तो समझने वाला ही जानता है।

मीणा ने अपने ट्वीट किया है कि 'परिवार के साथ बने रहो, क्योंकि ये वो जगह है, जहां आपको सारी कमियों के साथ स्वीकार किया जाता हैं।' अब इस ट्वीट में वो किस गुट को परिवार के साथ रहने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन इस पूरे प्रकरण में उनका भी स्टेंड क्लीयर नहीं है कि वो आखिर हैं किसके साथ ? जिस दिन विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के यहां चल रही थी, तब मीणा वहां मौजूद थे। वो सीएमआर में विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे थे। ये जरूर है कि वे पायलट गुट के साथ थे और उन्हें भी पूर्व में मंत्री पद से बर्खास्त किया गया था। हालांकि वो अपने बयानों में कई बार यह कह चुके हैं कि पार्टी के साथ हैं, किसी गुट के साथ नहीं।


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आपको बता दें कि पायलट गुट के सबसे विश्वसनीय लोगों में शामिल रमेश मीणा की पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत से नजदीकियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। बारिश की वजह से जब करौली और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हुआ, तब सीएम उन्हें अपने साथ ले गए थे और हवाई यात्रा में पूरे इलाके की जानकारी ली। अब राजस्थान के सियासी तूफान में भी चर्चा यही है कि आखिर अब वो किस गुट के साथ हैं ?