
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में आज का दिन बड़ी सियासी उठापटक का रह सकता है। लोकसभा चुनाव में उतरने से पहले भाजपा-कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दल एक-दूसरे के नेताओं के पाले बदलवाने को लेकर शनिवार रात तक जोड़तोड़ में जुटे रहे। यह उठापटक भाजपा के मुकाबले कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक समेत कांग्रेस के 8 बड़े नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं। वहीं कांग्रेस भी एक सांसद को अपने पाले में लाने को लेकर समीकरण बिठाने में जुटी है।
प्रदेश की सियासत में कांग्रेस के बड़े नेताओं के पिछले लंबे समय से पाला बदलने को लेकर चर्चा चल रही है। एक पूर्व मंत्री का नाम तो विधानसभा चुनाव से ही चर्चा में था। लेकिन अब कुछ दिन पूर्व एक पूर्व मंत्री के अलावा कुछ पूर्व सांसद-विधायक और बड़े नेताओं के पाला बदलने को लेकर कई नाम सियासी गलियारों में तेजी से चर्चा में हैं। इन नामों की शनिवार को भी भाजपा-कांग्रेस पार्टी मुख्यालयों में चर्चा रही।
पूर्व मंत्री - लालचंद कटारिया, राजेन्द्र यादव
पूर्व विधायक - रिछपाल मिर्धा, विजयपाल मिर्धा, आलोक बेनीवाल
पूर्व सांसद - खिलाड़ीलाल बैरवा
वरिष्ठ नेता- रामपाल शर्मा
भाजपा छोड़कर पांच साल पहले कांग्रेस का दामन थाम चुके मानवेन्द्र सिंह की अब घर वापसी हो सकती है। उनके पिता जसवंत सिंह लंबे समय केन्द्र में भाजपा सरकार में मंत्री रहे। मानवेन्द्र भी भाजपा से विधायक रह चुके हैं। अब उनकी पुनः घर वापसी की चर्चा जोरों पर है।
पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महेन्द्रजीत सिंह मालवीया कुछ दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्हें भाजपा की पहली ही सूची में बांसवाड़ा से लोकसभा उम्मीदवार बनाया है।
सांसद राहुल कस्वां चूरू लोकसभा सीट से टिकट कटने से नाराज चल रहे हैं। वे लगातार नाराजगी भरे बयान भी दे रहे हैं। चर्चा है कि उनका टिकट कटने के बाद कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ रही हैं। ऐसे में वे जल्द कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस हाड़ौती के एक भाजपा नेता पर भी निगाह टिकाए हुए हैं।
Published on:
10 Mar 2024 06:39 am
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