
Rajasthan Politics: राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों (Student union elections) की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है। इस बार मांग किसी छात्र ने नहीं बल्की राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (former CM Ashok Gehlot) ने उठायी है। पूर्व CM ने एक बार फिर एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के जरिये राज्य सरकार से छात्रसंघ चुनाव करवाए जाने की मांग की है। वहीं, भजनलाल सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर करवाए जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (former CM Ashok Gehlot) ने अपने एक्स हैंडल पर मांग उठाते हुए कहा है कि, "राजस्थान की भाजपा सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनावों को पुनः शुरू नहीं करना उचित नहीं है। हमारी सरकार के दौरान विधानसभा चुनावों की पूर्व तैयारी के कारण चुनाव स्थगित किए गए थे परन्तु अब ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि, "राजस्थान की राजनीति में मेरे सहित पक्ष-विपक्ष के तमाम विधायक, सांसद, मंत्री छात्रसंघ की राजनीति से निकलकर आए हैं। स्वयं मुख्यमंत्री जी ABVP के सदस्य रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव राजनीति की प्रारंभिक पाठशाला है इसलिए चुनाव शुरू करवाए जाने चाहिए एवं छात्रसंघ चुनावों के लिए बनाई गईं आदर्श आचार संहिता की पालना भी सुनिश्चित करवाई जानी चाहिए। छात्रसंघ चुनावों की मांग करने वाले तमाम छात्र नेताओं पर बल प्रयोग किया गया जो उचित नहीं है।"
बताते चलें कि, राजस्थान के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालायों में सत्र 2023-2024 में छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए गए थे। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में छात्र संघ चुनाव नहीं कराने को लेकर राजस्थान के कॉलेजों के कुलपतियों ने अपनी राय दे थी। इसके कारण बताया गया था कि चुनाव में बाहूबल और धनबल का उपयोग किया जाता है। इसके बाद गहलोत सरकार ने छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा दी थी।
गौरतलब है कि राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने पिछले दिनों बयान दिया था कि सरकार का छात्रसंघ चुनाव करवाने का कोई इरादा नहीं है।
Published on:
10 Sept 2024 02:39 pm

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