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राजस्थान में गड़बड़ा सकती है बिजली आपूर्ति, फिर आंदोलन की राह पर इंजीनियर्स

Rajasthan Power Companies: प्रदेश में फिर से 'बिजली संकट' खड़ा हो सकता है। वेतन विसंगति दूर करने और बजट घोषणा लागू करवाने को लेकर एकबार फिर तीनों बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंता आंदोलन की राह पर उतर आए है।

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राजस्थान में गड़बड़ा सकती है बिजली आपूर्ति, फिर आंदोलन की राह पर इंजीनियर्स

राजस्थान में गड़बड़ा सकती है बिजली आपूर्ति, फिर आंदोलन की राह पर इंजीनियर्स

जयपुर। प्रदेश में फिर से 'बिजली संकट' खड़ा हो सकता है। वेतन विसंगति दूर करने और बजट घोषणा लागू करवाने को लेकर एकबार फिर तीनों बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंता आंदोलन की राह पर उतर आए है। इसे लेकर अभियंताओं ने जिलों में जिला कलेक्टरर्स को ज्ञापन सौंपा। अब अभियंताओं ने चेताया है कि अगर 20 अगस्त तक बजट घोषणा लागू नहीं की गई तो 21 अगस्त से अभियंता कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन करेंगे। इससे बिजली आपूर्ति गड़बड़ा सकती है।

राज्य की बिजली कंपनियों (विद्युत वितरण, उत्पादन निगम और प्रसारण निगम) में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं ने वेतन विसंगति दूर करने और बजट घोषणा एसीपी पर पदोन्नति पद के वेतनमान को लागू करने के लिए आंदोलन की राह पकड़ी है। पावर इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के तत्वावधान में सभी जिलों में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिए जा रहे हैं।

संगठन के प्रदेश संयुक्त सचिव नितिन जोशी ने बताया कि राज्य सरकार ने इस बार बजट में एसीपी की जगह सलेक्शन ग्रेड की भांति सभी कार्मिकों को पदोन्नति पद का वेतनमान देने की घोषणा की, लेकिन आदेश जारी नहीं होने से अभियंताओं में आक्रोश है। सरकार जल्द ही वेतन और एसीपी विसंगति दूर करें। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त तक बजट घोषणा पूरी नहीं होती है, तो प्रदेश के समस्त कनिष्ठ अभियंता 21 अगस्त से कार्य बहिष्कार कर जयपुर में धरना देंगे। प्रदेश संयुक्त सचिव नितिन जोशी ने बताया कि ऊर्जा विभाग कई बार वेतन व एसीपी विसंगति दूर करने की सिफारिश कर चुका है, लेकिन अतिआवश्यक और विषम परिस्थितियों की सेवा होने के बावजूद हर बार वित्त विभाग रोड़ा अटका रहा है।

जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत कुमार व महासचिव राहुल वर्मा के नेतृत्व में एक दिन पहले जयपुर जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कई कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। राजस्थान के डिग्रीधारी जेईएन अन्य सेवाओं की अपेक्षा सबसे कम वेतनमान पर काम कर रहे हैं।

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पहले भी कर चुके आंदोलन
वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर तीनों बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंताओं ने पिछले साल जून में कार्य बहिष्कार कर प्रदेशस्तरीय आंदोलन किया था। जोशी ने बताया कि पिछले साल जून में आंदोलन के दौरान ऊर्जा मंत्री ने 3 महीने का लिखित आश्वासन दिया, वर्तमान में भी सभी मंत्री विधायकों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी ग्रेड पे 4800 अथवा शुरुआती 10 वेतन वृद्धि और बजट घोषणा लागू करवाने के लिए सरकार को अवगत करवाया जा रहा है।


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